महिला मंडल की प्रधान स्नेहा झेकटा ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है। इसे शराब और लालच से दूषित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युवाओं को नशे की ओर धकेलकर मतदान को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पंचायत की महिलाएं गांव के भविष्य को खराब नहीं होने देंगी। इसके लिए महिलाओं ने समय के आधार पर अपनी ड्यूटी देने के लिए ग्रुप तैयार किए हैं। कोई संदिग्ध या बाहर का व्यक्ति लगे, तो उसका पता पूछकर पड़ताल की जा रही कि वह किससे मिलने या किसके घर मेहमान जा रहा है। इसके बाद ही नाके से आगे जाने दिया जा रहा है। महिलाओं की सतर्कता का असर पहले भी देखने को मिला है। 24 अप्रैल की रात को महिलाओं ने नाकेबंदी के दौरान एक वाहन से शराब की 84 बोतलें बरामद कर आरोपी को पुलिस के हवाले किया। इस साहसिक कार्य के लिए पंचायत ने महिलाओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया। अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं।