भाजपा समर्थित गुट अकेले लड़ेगा चुनाव
माकपा और कांग्रेस ने अभी नहीं खोले पते
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ईसी और कोर्ट सदस्य के चार अक्तूबर को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। चुनाव को लेकर विवि में अब माहौल गरमाने लगा है।
तीनों राजनीतिक दलों के समर्थित कर्मचारियों ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस समर्थित गुट बिना माकपा को साथ लिए चुनाव मैदान में अपने अलग से उम्मीदवार उतारेगा या दोनों एक-एक सीट शेयरिंग कर चुनाव लड़ेंगे
इसका खुलासा नहीं किया है। पूर्व में दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। यह स्थिति 30 सितंबर को नाम वापसी और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने पर ही साफ होगी।
कांग्रेस समर्थित गुट ने बुधवार को विवि में अलग से बैठक कर सिर्फ कांग्रेस विचारधारा समर्थक कर्मचारी नेताओं से नामांकन भरवाए। कांग्रेस और माकपा समर्थित कर्मचारियों ने अभी मिलकर चुनाव लड़ने के विकल्प को खुला रखा है। इससे अंतिम क्षणों में दोनों में एक बार फिर से ईसी और कोर्ट सदस्य के पदों पर आपसी तालमेल कर उम्मीदवार उतारे जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। भाजपा समर्थित कर्मचारी इस बार भी अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेंगे।
कांग्रेस समर्थित गुट इस बार विवि में कर्मचारियों के लिए पिछले कार्यकाल में करवाए कार्यों के दम पर अकेले ही ईसी कोर्ट के लिए उम्मीदवार उतारने और जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है। विवि में 824 कर्मचारी मतदाता हैं। चुनाव में प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस की सरकार का कांग्रेस समर्थित गुट को लाभ मिलेगा या नहीं यह देखने वाली बात होगी।
चुनाव के बीच ईसी की बैैठक बुलाने पर उठे सवाल
विवि की सर्वोच्च और निर्णायक संस्था कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक 28 सितंबर को होगी। चुनाव प्रक्रिया के बीच में ईसी की बैठक करवाए जाने से आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप भी लग सकते हैं। ईसी की बैठक में यदि वित्त कमेटी से स्वीकृत मामलों को ईसी की हरी झंडी मिल जाती है तो सीधे तौर पर कर्मचारियों को लाभान्वित करेगी। इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। ईसी में मुख्य रूप से 70 असिस्टेंट रजिस्ट्रार (एआर) के पदों को पदोन्नति से भरने का फैसला हुआ है। इसे अगर बैठक में मंजूरी मिलती है तो इसका सभी वर्ग के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन न हो इस पर विवि को विचार करना होगा।