जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) नेरवा शाखा प्रबंधक को यह आदेश जारी किए हैं। हिमाचल में इस तरह का यह पहला मामला है। एक ही मामले में तीन बार आदेश जारी किए हैं। दरअसल तहसील कुपवी के मृतक वीरेंद्र कुमार स्टेट बैंक डेबिट कार्ड (वीजा) के धारक थे जो जून 2015 से नवंबर 2022 तक वैध था। 27 नवंबर 2015 को वीरेंद्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। परिजनों ने दलील दी कि एसबीआई सहित अन्य बैंक कार्ड धारक की आकस्मिक मृत्यु के आधार पर बीमा प्रदान कर रहे हैं।
इसी आधार पर परिजनों ने एसबीआई से संपर्क किया लेकिन कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद शिकायतकर्ता ने दावे के लिए एसबीआई को विधिक नोटिस दिया। सितंबर 2016 में एसबीआई के कहने पर पासबुक, एटीएम कार्ड, मृत्यु प्रमाण-पत्र और एफआईआर की प्रति उपलब्ध करवाई। लेकिन शिकायतकर्ता को राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद एसबीआई के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के कारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई। आयोग ने शिकायतकर्ता के आवेदन को स्वीकार करते हुए माना कि मृतक के पास गोल्ड मास्टर कार्ड वीजा डेबिट कार्ड बीमा कवर योजना और नियमों की शर्तों के तहत है।