पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर मनाली के प्रीणी स्थित उनके घर में पड़ोसियों ने नवग्रह शांति यज्ञ किया। मंत्रोच्चारण कर हवन कुंड में आहुति डाली गई। इसके बाद दिल्ली फोन कर वाजपेयी की दत्तक पुत्री नम्रता से बात कर पूर्व प्रधानमंत्री को उनके 92वें जन्मदिन पर बधाई दी गई।
प्रीणी पंचायत के पूर्व प्रधान कुंदन ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के पीए और दत्तक पुत्री नम्रता ने नवग्रह शांति हवन यज्ञ करवाने पर प्रीणी पंचायत के बाशिंदों के साथ मनाली के लोगों का आभार जताया है। पूर्व पीएम के प्रीणी स्थित घर के चौकीदार सुखदेव ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी पिछले दस वर्षों से मनाली नहीं आए हैं।
पंचायत प्रधान शिवराम ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री पांच जून, 2006 को अंतिम बार मनाली आए थे। उस दौरान उन्होंने यहां देवदार का पौधा भी रोपा था, जो अब काफी बड़ा हो चुका है। पूर्व विधायक चंद्रसेन ठाकुर ने बताया कि पीएम बनने के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी सादा जीवन और उच्च विचार की धारणा को सार्थक करते हुए उनके घर आए।
पहले की तरह कुल्लू के लाल चावल, राजमां और दाल खाने की इच्छा जताई। वे अकसर कहा करते थे कि उनके नाम पर कहीं घर है तो वह सिर्फ मनाली के प्रीणी में है। वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते मनाली आने पर देश-विदेश का मीडिया उन्हें कवर करने मनाली आता था। इससे मनाली को पर्यटन क्षेत्र में ब्रांड बनने में काफी सहायता मिली।