शिमला में कम नहीं हो रही ठंड, कारोबार पर असर।
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मौसम के बदले मिजाज से मई में भी ठंड होने से रेडिमेड गारमेंट्स कारोबार प्रभावित हुआ है। गर्मियों के कपड़ों का कारोबार 50 फीसदी तक घट गया है। शहर के स्थानीय लोग ठंड के जारी रहने पर गर्मियों में उपयोग होने वाली टी शर्ट, कैपरी, बरमूडा, ट्राउजर सहित आधी बाजू की गर्मियों में पहनी जाने वाली शर्ट, महिलाओं व युवतियों के टॉप तथा अन्य गर्मियों के कपड़े की खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
गर्मियों के रेडिमेड कपड़ों का कारोबार पर्यटकों पर ही निर्भर होकर रह गया है। बारिश के चल रहे क्रम के चलते ठंड होने से बाजार में अभी भी आम लोग सर्दियों में पहनी जाने वाली हल्की जैकेट, स्वेटर जैसे कपड़ों को ही खरीद रहे हैं। ऐसे में रेडिमेड कपड़ों के कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। शहर की नामी दुकानों में भी गर्मियों के कपड़ों की मांग घट गई है। इससे कारोबारियों का गर्मियों के सीजन पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
बारिश और ठंड का क्रम जारी रहने से रेडिमेड कपड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। अप्रैल में सर्दियों के कपड़ों का स्टॉफ पैक कर दिया जाता था, वह अब भी बिक रहा है। गर्मियों के कपड़ों की खरीदारी सिर्फ शिमला आने वाले पर्यटक ही कर रहे हैं, स्थानीय लोग नहीं। -हरीश शर्मा, ऑक्टिव शोरूम मालरोड
मौसम के बदलाव के कारण कारोबार निश्चित तौर पर घटा है। स्लीव लैस जैकेट स्वेटर की जुलाई के बाद खरीदारी होती थी, वह मई में होने लगी है। ग्राहक तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि गर्मियों के कपड़े खरीदें या नहीं, मौसम का अंदाजा लगाना ही मुश्किल हो रहा है। -राज कुमार, लाल एंड संन्स मालरोड
मई में भी ठंड होने से गर्मियों का कपड़ों का कारोबार 50 फीसदी तक घट गया है, पर्यटक भी यहां ठंड होने पर गर्म कपड़े ही खरीद रहे हैं। स्थानीय लोग तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि गर्मियों के कपड़े लें या सर्दियों के। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। -सुशील ठाकुर, ठाकुर कलेक्शन मालरोड
मई में टी शर्ट जैसे कपड़ों की मांग अच्छी होती थी, इस बार ठंड है तो मांग नहीं है। लोग गर्म कपड़े खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। स्थानीय लोग खरीदारी करने को नहीं आ रहे हैं। -कमल किशोर ठाकुर, मालरोड रेडिमेड कारोबारी