पठानिया ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि यह सड़क सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। सेना के डिविजनल मुख्यालय से सीमावर्ती क्षेत्रों तक सैनिकों और युद्ध सामग्री की आवाजाही के लिए यह मार्ग उपयोगी साबित हो सकता है। चंबा-तीसा-बैरागढ़-साच सड़क के एक हिस्से को केंद्र सरकार के तहत जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) के माध्यम से विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि द्रमण-सिंहूता-चुवाड़ी-चंबा वाया जोत मार्ग को भी इसमें शामिल कर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्वीकृति दी जाए। उन्होंने बताया कि शाहपुर-द्रमण-सिंहूता-चुवाड़ी-चंबा वाया जोत सड़क के एक हिस्से को विश्व बैंक और सीआईएफ के तहत पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। यह मार्ग अब लगभग डबललेन हो चुका है। पठानिया ने कहा कि वह इस मामले को लेकर पहले भी केंद्रीय मंत्री से पत्राचार कर चुके हैं। पूर्व में भी जनहित में सड़क को स्वीकृति देने का आश्वासन मिला था।
नई गाइडलाइंस के बाद सड़क को मंजूरी देने पर होगा विचार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पठानिया को बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा के लिए केंद्र सरकार में नीति पर अंतिम स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। नई गाइडलाइंस और मानदंड तय होने के बाद इस सड़क के संबंधित हिस्से को जनहित में स्वीकृति देने पर विचार किया जाएगा। गडकरी ने कहा कि वह चंबा जिले और देश की सुरक्षा के लिए इस सड़क के सामरिक महत्व से परिचित हैं। सड़क को मंजूरी मिलने से आकांक्षी जिला चंबा को राहत मिलेगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।