सीमेंट प्लांटों के माहवार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक निर्धारित न होने पर कांग्रेस विधायकों संजय अवस्थी और रामलाल ठाकुर ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान एतराज जताया। विधायकों ने अंबुजा और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांटों से फैल रहे प्रदूषण का मामला सदन में उठाया।अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। दाड़लाघाट के आसपास के क्षेत्रों में सांस की बीमारी से लोग ग्रस्त हैं। फेफडे़ खराब हो रहे हैं। फसलों को भी नुकसान हो रहा है। सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में मात्र औपचारिकता निभाई गई है। मौके पर मानकों का पालन नहीं हो रहा है। विधायक रामलाल ठाकुर ने सीमेंट उद्योगों के प्रदूषण का बिलासपुर जिला के कई क्षेत्रों में प्रभाव पड़ने का मामला उठाया। जवाब में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सीमेंट प्लांट के लिए माहवार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक निर्धारित नहीं हैं।
राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक 2009 की अधिसूचना के अनुसार केवल आठ घंटे के आधार पर दैनिक एवं वार्षिक मापदंड निर्धारित हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अंबुजा सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की लगातार मानीटरिंग कर रहा है। अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। प्रदूषण के आकलन के लिए अंबुजा के दो सीमेंट प्लांटों के आसपास 54 और 29 आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं। अल्ट्राटेक के पास 71 उपकरण लगाए गए हैं। अल्ट्राटेक के कुछ सैंपल मापदंड पर पूरे नहीं उतरे थे। इन्हें नोटिस जारी किया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी इनकी मानीटरिंग करता है। कोर्ट के आदेशों पर प्रदूषण को जांचने के लिए कई अध्ययन भी किए गए हैं।