हिमाचल विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों रमेश धवाला व परमजीत पम्मी और कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने इस मामले में सदन में सवाल उठाए। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि प्रदेश के सिर्फ तीन विधानसभा क्षेत्रों में ही विकास खंड कार्यालय नहीं हैं।
ज्वालामुखी, पालमपुर और दून विस क्षेत्रों में विकास खंड कार्यालय न खुलने को लेकर बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में संबंधित विधायकों ने नाराजगी जताई। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों रमेश धवाला व परमजीत पम्मी और कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने इस मामले में सदन में सवाल उठाए। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि प्रदेश के सिर्फ तीन विधानसभा क्षेत्रों में ही विकास खंड कार्यालय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन विधानसभा क्षेत्रों में कार्यालय खोलने का फैसला जल्द लिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रश्नकाल के दौरान मुख्य सवाल ज्वालामुखी के भाजपा विधायक रमेश धवाला ने किया। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी में विकास खंड कार्यालय नहीं होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था तब 38 विकासखंड कार्यालय थे। अब कुल विकास खंड कार्यालयों की संख्या 88 हो गई है। इस बारे में निर्णय भौगोलिक परिस्थितियों और आम जनता की सुविधाओं को मद्देनजर रखकर किया जाता है।
टिहरी तथा खुंडिया में नए विकास खंड कार्यालय खोलने का मामला विचाराधीन है। दून के भाजपा विधायक परमजीत पम्मी ने अनुपूरक सवाल किया कि दून में भी एक कार्यालय खोला जाए। उन्होंने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो कार्यालय भी खुले हैं। पालमपुर के कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने अनुपूरक सवाल किया कि अगर जिलाधीश से रिपोर्ट मांगी गई है तो क्या पालमपुर से कोई रिपोर्ट आई है। ऐसे क्या मापदंड हैं कि पालमपुर और ज्वालामुखी इसे पूरा नहीं करते हैं।