हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य के वर्ष 2020-21 के बजट पर चर्चा के अंतिम दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होती रही। एक ही जिले में विकास को तरजीह देने के कांग्रेस के जगत सिंह नेगी के आरोप पर नोकझोंक होती रही। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार को सदन का माहौल शांत करवाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि किसी क्षेत्र के लिए कोई प्रोजेक्ट आता है तो इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सदन में बजट पर चर्चा स्वस्थ हुई है। बाहर का तापमान ठंडा है और सदन में भी ठंडा माहौल रखना चाहिए।
मंडी सूबे का दूसरा बड़ा जिला है और सर्वे के बाद हवाई अड्डे के लिए जमीन तलाशी गई है। इससे पहले 7-8 स्थानों का मुआयना किया गया है। नेगी ने कहा कि यह सरकार की मजबूरी हो गई है कि जब तक वह दिल्ली का गुणगान न करे तो वह आगे नहीं बढ़ सकती। दिल्ली से जो भी पैसा मिलता है, वह नियमों के तहत और वित्तायोग की सिफारिशों के बाद ही मिलता है। 15वें वित्तायोग से मिलने वाले धन में 42 फीसदी की जगह 41 फीसदी किया है। एक फीसदी की कटौती करके राशि जम्मू-कश्मीर जा रही है। दृष्टिपत्र में भाजपा ने लोगों से धोखा किया है, जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए।
बजट में कृषि और बागवानी को पैसा नहीं दिया। बजट में केवल मंडी के हवाई अड्डे का ही जिक्र है। नेगी के यह कहते ही सत्तापक्ष के सदस्य उखड़ गए और सदन में शोरशराबा होने लगा। राज्य में दो लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और सरकार को हवाई अड्डा बनाने की लगी है। बजट चर्चा में मुलखराज प्रेमी ने कहा कि विकास की गंगा आगे बढ़ रही है। विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिया लाल ने कहा कि दो साल बाद भी नोटबंदी की तकलीफ हो रही है। रवि धीमान ने कहा कि पंचायत चौकीदार से लेकर एमएलए तक को फायदा पहुंचाया गया है।