हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अपने 20 वर्तमान विधायकों, तीन राष्ट्रीय सचिवों, पूर्व मंत्रियों सहित अन्य करीब 35 बड़े नेताओं को दोबारा प्रत्याशी बनाने की तैयारी में है। केंद्रीय चुनाव कमेटी को इन नेताओं को टिकट देने के लिए प्रदेश की ओर से सिंगल नाम ही भेजे जा सकते हैं। बुधवार देर रात तक राजधानी शिमला के एक होटल में पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला की अध्यक्षता में कई सीटों को लेकर खूब मंथन हुआ है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सह प्रभारी तेजेंद्र सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। वर्तमान में कांग्रेस के 20 विधायक हैं। इनमें रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी, राजेंद्र राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, आशीष बुटेल, जगत सिंह नेगी, सुंदर सिंह ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर, संजय अवस्थी, नंदलाल, मोहनलाल ब्राक्टा, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, भवानी सिंह पठानिया, विनय कुमार, हर्षवर्धन चौहान, धनीराम शांडिल, मुकेश अग्निहोत्री, सतपाल सिंह रायजादा शामिल हैं।
कांग्रेस इन सीटों पर प्रत्याशियों को बदलने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। इनके अलावा जिला कांगड़ा के ज्वाली से पूर्व सांसद और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष चंद्र कुमार, नूरपुर से पूर्व विधायक अजय महाजन, द्रंग से पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, बल्ह से प्रकाश चौधरी, दून से रामकुमार चौधरी और नालागढ़ से हरदीप बावा को भी टिकट दिया जाना लगभग तय माना जा रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सुधीर शर्मा, रघुवीर बाली, राजेश धर्माणी की अनदेखी करना भी आसान नहीं है। जिला शिमला की चौपाल विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रदेश महासचिव रजनीश किमटा और भरमौर से पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी या उनके पुत्र अमित भरमौरी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाने के आसार अधिक हैं। वहीं, इस मामले में कांग्रेस के बड़े पदाधिकारियों से बात की गई, लेकिन अभी कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
शिमला शहरी सीट ने उलझाई पार्टी
शिमला शहरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी का चयन करना पार्टी के लिए आसान नहीं रहने वाला है। शहर में 40 से अधिक आवेदन हो चुके हैं। इस सीट पर आवेदन करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह और चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक अधिक हैं। लगातार तीन विधानसभा चुनावों से कांग्रेस को शिमला शहर में हार का मुंह देखना पड़ रहा है।
लगातार हारने वाली सीटों पर करनी होगी माथापच्ची
प्रदेश में लगातार जिन सीटों पर कांग्रेस की हार हो रही है, वहां मजबूत प्रत्याशियों को उतारने के लिए पार्टी नेताओं को खूब माथापच्ची करनी होगी। झंडूता, कसौली, भोरंज, कुटलैहड़, नाचन, शाहपुर और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रत्याशियों की कई बरसों से जीत नहीं हुई है।