सोशल मीडिया में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ टिप्पणी करने वाले प्रदेश कांग्रेस के तीन पदाधिकारियों पर अनुशासन की तलवार चली है। यह कार्रवाई कांग्रेस की अनुशासन समिति की सिफारिश पर तत्काल प्रभाव से की गई है।
पांवटा शहरी के पूर्व अध्यक्ष असगर अली को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। बीसीसी पांवटा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
इन नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रभारी रजनी पाटिल, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, महासचिव रजनीश किमटा को निशाना बनाकर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा। प्रदेश कांग्रेस सचिव राकेश चौधरी और हमीरपुर सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर विवेक कटोच को अनुशासन समिति के निर्देशों में कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
इसमें कहा है कि पार्टी अनुशासन क्यों भंग किया और क्यों न आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रदेश महासचिव रजनीश किमटा ने नोटिस जारी कर राकेश चौधरी और विवेक कटोच से 18 जुलाई तक जवाब मांगा है।
अगर नोटिस का जवाब नहीं दिया गया और जवाब संतोषजनक न रहा तो दोनों नेताओं को भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है। अनुशासन समिति के निर्देश पर भोरंज ब्लॉक अध्यक्ष राजीव मैहर ने रिंकू जरियाल पर एफआईआर दर्ज करवा दी है।
रिंकू जरियाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रमुख कारण यही है कि वह न तो कांग्रेस का पदाधिकारी है और न ही पार्टी का प्राथमिक सदस्य। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि अनुशासन समिति की सिफारिश पर कांग्रेस से अनुशासन भंग करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई की है।