फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाचन, सराज में लहलहाएगी हींग-केसर की खेती, कृषि विभाग ने की तैयारी

Fri, 25 Jun 2021 08:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर सतीश ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, गोहर (मंडी)

सार

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में क्षेत्र में हींग और केसर की खेती करने की कृषि विभाग ने तैयारी कर ली है। कृषि विषय वाद विशेषज्ञ धर्म चंद चौहान ने बताया कि 60 किसान केसर और 35 किसानों से विभाग आईएचबीटी के माध्यम से हींग केसर की खेती करवाई जाएगी।
विज्ञापन
हींग का पौधा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाचन और सराज के किसानों के खेतों में नकदी फसलों के साथ अब हींग और केसर की खेती भी होगी। आईएचबीटी पालमपुर के सौजन्य से किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए कृषि विभाग किसानों को हींग और केसर की खेती करने के लिए प्रेरित करेगा। वर्ष 2019-2020 में क्षेत्र में हींग और केसर का ट्रायल सफल होने के बाद अब पायलट प्रोजेक्ट के रूप में क्षेत्र में हींग और केसर की खेती करने की कृषि विभाग ने तैयारी कर ली है। कृषि विषय वाद विशेषज्ञ धर्म चंद चौहान ने बताया कि 60 किसान केसर और 35 किसानों से विभाग आईएचबीटी के माध्यम से हींग केसर की खेती करवाई जाएगी।

विज्ञापन


यहां होगी केसर की खेती
नाचन और सराज में अब चैलचौक, मोवीसेरी, खनियारी, ओहन, बडींन, तांदी, कुंसोट जेल करनाला, गेर, भलोठी, बाग, रहिधार, ओहन, तांदी,कटयान्दी, शरण, धलवास, कुराहनी, खनियारी, बह मझोठी, चकदयाला, करसला, डूंगाधार, शमनोश, बानीसेरी, शांगरी, स्यांज , मुराटन, पनगलियुर, ग्वाड़, काफलु, तरौर, सेगली काढ़ि, बाग, बालहड़ी बुरहटा, मझोठि, सुनाथर, टीली काढ़ि शीलह और शकरैंणी में आईएचबीटी से हींग और केसर का सीड आएगा और इन स्थानों पर खेती होगी।

क्षेत्र में हींग और केसर का सफल ट्रायल होने के बाद अब पूरे ब्लॉक में किसानों से इसकी खेती की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के ठंडे और गर्म क्षेत्र खेती के लिए चिन्हित किए जा चुके है और नाचन सिराज के करीब 100 किसानों को चिन्हित कर इनसे हींग केसर की खेती की जाएगी। - डॉ. रमेश कुमार, वैज्ञानिक आईएचबीटी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें