बतौर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को लाकर हिमाचल के उद्योगों को संजीवनी दी थी। बीबीएन के उद्यमियों का मानना है कि प्रदेश में एक्साइज टैक्स, वैट व अन्य कई तरह के टैक्स स्लैब होने और समस्याओं को खत्म कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया था।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ के अध्यक्ष संजय खुराना ने कहा कि भाजपा के दो दिग्गज नेताओं अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का निधन अति अपूर्णीय क्षति है। जेटली ने जीएसटी लाकर उद्योगों को जीवनदान दिया है और आज उद्योग जगत उनके इस कार्य के लिए उनका सदैव ऋणी रहेगा।
एचडीएमए प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि जेटली ने जीएसटी लाकर न केवल देश में बल्कि हिमाचल के उद्योगों को बचाया है। प्रदेश में कई प्रकार के टैक्स स्लैब होते थे।
एक्साइज टैक्ट, वैट व अन्य दरों को खत्म करके पूरे देश में एक समान टैक्स वस्तु एवं सेवा कर लाया। जो उद्योग समस्याओं से जूझ रहे थे उन्हें राहत मिली। उन्होंने कहा कि जेटली ने बिना किसी पैकेज के इंडस्ट्री को बचाया है।
सीआईआई के चेयरमैन हरीश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री के निधन से समूचा उद्योग जगत शोकाकुल है। उनके उद्योग जगत के लिए किए अविस्मरणीय कार्य को सदैव याद रखा जाएगा।
हिमाचल के उद्योग उनके ऋणी रहेंगे। लघु उद्योग भारती बद्दी इकाई के अध्यक्ष संजय बतरा ने कहा कि जेटली ने क्रांतिकारी कदम उठाया, जिसका लाभ उद्योग जगत को हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो कार्य उन्होंने किया है शायद ही उसे कोई और कर पाता। आज देश व प्रदेश के उद्योगपति उनके आभारी हैं। पूर्व वित्त मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को उद्योग जगत ने श्रद्धांजलि प्रदान की है।
अरुण जेटली बतौर वरिष्ठ अधिवक्ता हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) से जुडे़ मामलोें की पैरवी करने हिमाचल आते थे। पार्टी के सर्विस मैटर के मामलों में भी सरकार की ओर से आते थे।
जब प्रेम कुमार धूमल सीएम थे, तब भी वह हिमाचल में कई मामलों की पैरवी करने आए थे। वह मिल्क फेडरेशन के मामलों की पैरवी करने के लिए भी हिमाचल आते थे।