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हिमाचल: सेना प्रमुख बोले- चीन से सटे सीमांत इलाकों में सड़कों का जाल बिछाएंगे, खाका तैयार

Fri, 25 Jun 2021 06:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शुक्रवार को तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आए थल सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमा से लगते गांवों के युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। 
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शिमला में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात करते सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे। - फोटो : अमर उजाला
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से चीन से सटे सीमांत इलाकों को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट पर अब एक्शन नजर आना शुरू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों में सेना सड़कों का जाल बिछाएगी। इसके लिए दस साल का एक प्लान तैयार किया गया है। इसके अनुसार काम भी शुरू हो गया है। शुक्रवार को तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आए थल सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि सीमा से लगते गांवों के युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। अगले पांच से दस साल में सेना सड़कों का निर्माण करेगी ताकि इन क्षेत्रों के विकास में सहायता मिल सके और युवाओं का पलायन भी रुके। चीन के साथ सीमा पर बने तनाव पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुश्मन की हर नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। तनाव कम करने को लेकर बातचीत हो रही है। फिर भी सेना पूरी तरह से सतर्क है और सीमा पर बड़े पैमाने पर पर्याप्त संख्या में सैनिक और मशीनरी तैनात की गई है।

जनरल नरवणे ने सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के आतंकवाद पर भी चिंता व्यक्त की। आर्मी चीफ ने बताया कि बड़ी संख्या में महिला अधिकारी पहले से ही सेना में सेवाएं प्रदान कर रही हैं। अब उनकी सेना पुलिस के कोर में भर्ती शुरू कर दी गई है और प्रतिक्रिया उत्साहजनक है। उन्होंने राजभवन परिसर में चिनार का एक पौधा भी रोपित किया। इससे पहले उनके साथ बातचीत के दौरान राज्यपाल ने चीन से लगते प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना के विकास पर बल दिया। उन्होंने सेना प्रमुख के समक्ष शिमला के वॉकर अस्पताल का मुद्दा भी उठाया, जिसपर सेना प्रमुख ने उसे जल्द शुरू कराने की बात कही। 
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हिमाचल मेरा पुराना घर, आकर होती है खुशी
जनरल नरवणे ने बताया कि वह पहले शिमला में आरट्रैक में सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। कहा कि हिमाचल को अपना पुराना घर मानते हैं तथा यहां आकर उन्हें हमेशा खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि युवाओं में सेना के प्रति काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने के लिए तैयार हैं। देश के हर जिले को सेना में प्रतिनिधित्व प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना से संबंधित कड़े दिशा-निर्देशों का पालन किया, जिसके फलस्वरूप सीमा पर तैनात सेना के जवानों में कोरोना के मामले न के बराबर हैं।
 
समदो बॉर्डर का भी दौरा कर सकते हैं नरवणे
तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आए नरवणे समदो बॉर्डर का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों की माने तो हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बॉर्डर का दौरा कर सेना के अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन क्षेत्रों की जानकारी ली थी जहां पर चीन सड़कों का जाल बिछा रहा है। इससे पहले राज्यपाल के निर्देश पर डीजीपी संजय कुंडू ने आधा दर्जन आईपीएस अधिकारियों की एक टीम को सीमांत क्षेत्रों में भेजा था और लोगों से बात कर वहां की दिक्कतों की एक रिपोर्ट भी केंद्र को भेजी थी। इसी रिपोर्ट में सड़कों का जाल बिछाने और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दों को उठाया गया था।

सेना प्रमुख ने शिमला में प्रशिक्षण कमान का किया दौरा
 सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) का दौरा किया। इस दौरान उन्हें सामरिक-सैन्य भविष्य, सैद्घांतिक सुधार, ऑपरेशनल चुनौतियों और तैयारियों, तकनीकी समावेशन सहित कई मुद्दों पर जानकारी दी गई। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सेनाध्यक्ष को भारतीय सेना में प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए किए जा रहे कई पहलुओं और पेशेवर सैैन्य शिक्षा (पीएमई) को वर्तमान चुनौतियों के प्रति अधिक समकालीन और उत्तरदायी बनाने के लिए उठाए गए कदमों से अवगत करवाया गया। 

गलवां में शहीद सिपाही अंकुश के परिजनों को किया सम्मानित
 सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) अध्यक्ष ने गलवां घाटी में शहीद हुए सिपाही अंकुश के परिजनों से बातचीत की और उन्हें सम्मानित किया। अंकुश को सेना मेडल (मरणोपरांत) से नवाजा गया है। उन्होंने जून 2020 में उरी सीमाओं पर गलवां गतिरोध के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। 


सीएम जयराम ने किया था दौरा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में समदो बॉर्डर के पार चीन नई सड़कें और पक्के भवन बना रहा है। इनकी जानकारी लगने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने डीजीपी संजय कुंडू के साथ मई में बॉर्डर का दौरा किया था। सीएम जयराम ठाकुर चीन सीमा से सटे समदो बॉर्डर की टोल लेने पहुंचे थे। बॉर्डर के अचानक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आईटीबीपी, डोगरा स्काउट्स और बिहार रेजिमेंट के सैनिकों से मिले थे और वहां की गतिविधियों का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर ग्रामीणों, आईटीबीपी और सेना से भी बात की थी। इसकी रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजी गई थी। 

ढाई सौ किलोमीटर से ज्यादा लंबी है हिमाचल में भारत-चीन सीमा
प्रदेश में चीन से लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले की करीब ढाई सौ किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) मोर्चा संभाल रहा है, जबकि दूसरे चक्र में सेना तैनात है। पिछले साल चीन सेना के दो हेलीकॉप्टरों ने हिमाचल प्रदेश के समदो में करीब दस किलोमीटर अंदर तक उड़ान भरी थी। उसके बाद से लगातार प्रदेश में सेना की इस इलाके में तैनाती बढ़ गई थी।

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