जम्मू-कश्मीर और चीन सीमा के साथ लगते हिमाचल में भारतीय सेना अपने ठिकानों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। कांगड़ा के गगल में सेना के एयरबेस की संभावनाओं की तलाश के बीच अब पालमपुर के चचियां में सैन्य छावनी बनाने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए प्रदेश सरकार से 88 हेक्टेयर जमीन मांगी है।
पठानकोट में आतंकी हमले के बाद सरकार ने कांगड़ा के गगल में सेना के एयरबेस बनाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए कई बैठकें भी हो चुकी हैं। अब कांगड़ा जिले के चचियां में सैन्य छावनी स्थापित करने की तैयारी को सामरिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
इस छावनी के लिए जमीन उपलब्ध करवाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजा है। प्रदेश सरकार ने यह मामला विधि विभाग को भेजा था। विधि विभाग ने सीलिंग एक्ट का हवाला देेते हुए राजस्व विभाग को फाइल भेज दी है।
रक्षा मंत्रालय ने जो जमीन मांगी है राजस्व रिकॉर्ड में वहां चाय का बगीचा है। अब मामले को कैबिनेट की बैठक में ले जाया जा रहा है। जानकारों की मानें तो सेना कांगड़ा में अपना सुरक्षित ठिकाना बनाना चाहती है, ताकि यहां से जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख के नजदीक होने से साथ-साथ चीन बॉर्डर पर भी नजर रख सकें।
हिमाचल में हैं सेना की 7 छावनियां- हिमाचल में सेना की अभी 7 छावनियां हैं। इनमें कसौली, सुबाथू, डगशाई, जतोग, योल, बकलोह और डलहौजी में है। अब सेना की आठवीं छावनी पालमपुर के चचियां में बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।