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अर्की अग्निकांड: चाचा के साथ जाने से काशी के बेटे की बच गई जान, चार भाइयों की दुकानें हुईं राख

Tue, 13 Jan 2026 11:12 AM IST
Krishan Singh योगेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अर्की (सोलन)।

सार

अगर सुशील चाचा के साथ न जाता तो शायद यह भी आज लापता होता। मोहन लाल ने बताया कि उनके भाई का पूरा परिवार लापता है।
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अर्की अग्निकांड, अपनों के इंतजार में परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सोलन जिले के अर्की अग्निकांड में लापता की बहन अपने चाचा की वजह से बच गई। दरअसल लापता काशीराम का छोटा भाई मोहन मजदूरी करने के बाद रविवार को अपने भाई के पास आया था। यहां से वह भाई के बेटे सुशील को ले गया। अगर सुशील चाचा के साथ न जाता तो शायद यह भी आज लापता होता। मोहन लाल ने बताया कि उनके भाई का पूरा परिवार लापता है। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि एक हादसा उनसे उनके भाई, उनके परिवार को छीन लेगा। 

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 चार भाइयों की दुकानें हुईं राख
अग्निकांड में एक ही परिवार के चार भाइयों का व्यापार जानकर राख हो गया।  इसमें लाला सरयाणु के नाम से जाना जाने वाले व्यापारियों की चार दुकानें कुलदीप कुमार एंड संस जूते, बैग, मन्यारी, हीरा लाल जगरनाथ की करयाणा डिपार्टमेंटल स्टोर, बसंत लाल कुलदीप कुमार, तारा रानी एंटर प्राइजेज के अलावा ऐके टेलर, ठाकुर वॉच, भावना ग्रुप मन्यारी, बावा क्लॉथ हाउस का लाखों का सामान जल गया। इसके अलावा यूको बैंक ब्रांच चपेट में आने से बच गई। आग इतनी भयानक थी कि उसने आठ अन्य दुकानों को भी अपने चपेट में ले लिया। देररात जैसे ही आग से सिलिंडर फटने का धमाका हुआ साथ के भवन में रह रहे बिहारी मूल का परिवार अंदर से भागने लगा। तब तक बाहर आग की लपटों से उनके भवन को घेर लिया था। इस दौरान का अपने दो बच्चों के साथ बाहर दौड़े। हालांकि जल्दबाजी में उनका 10 साल का बेटा अंदर रह गया जो आग की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
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