नगरोटा सूरियां विश्रामगृह में खुले दरबार के दौरान सीपीएस नीरज भारती और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता में बहसबाजी हो गई। नगरोटा सूरियां विश्रामगृह में नीरज भारती ने खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का निवारण किया।
नीरज भारती उस समय गुस्सा गए जब ठेकेदार एवं ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता ने शिकायत की कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के फरवरी 2015 के दौरे के दौरान नगरोटा सूरियां में जो मरम्मत कार्य किए थे, उनमें अभी तक 15 लाख का भुगतान नहीं किया गया है। भारती ने खुले दरबार में अधिशासी अभियंता प्रमोद कश्यप को बुला कर उनसे जवाब मांगा।
इस पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि सरकार राशि मुहैया करवाए तभी ठेकेदारों का भुगतान हो पाएगा। अगर आप तबादला करना चाहते हैं तो इसके लिए मैं तैयार हूं। उधर, नीरज भारती का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ज्वाली के अधिशासी अभियंता की शिकायत हलके के कई लोगों से मिल रही थी।
पिछले एक साल से अधिशाषी अभियंता ने एक भी टेंडर नहीं लगाया है। ठेकेदारों के निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं करना अधिशाषी अभियंता की जानबूझ कर विकास कार्यों को रोकने की कोशिश है। इसे कतई बर्दाशत नहीं किया जा सकता।
अधिशासी अभियंता प्रमोद कश्यप ने बताया कि सरकार राशि मुहैया करवाए तब ही ठेकेदारों का भुगतान हो पाएगा। राशि के बिना टेंडर कैसे लगाए जा सकते हैं और अगर सीपीएस नीरज भारती इसे कोताही समझते हैं तो तबादले के लिए मैं तैयार हूं।