हिमाचल में बिना फारेस्ट क्लीयरेंस के बनीं करीब 1500 सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अधर में लटकी इन सड़कों को हरी झंडी देने के लिए जिला स्तर पर कमेटियां गठित कर दी गई हैं।
इन कमेटियों की सिफारिश पर अवैध तौर से बनी सड़कों को नियमित करने की केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय मंजूरी देगा। इससे वर्षों से लटकी सड़कों पर लोक निर्माण विभाग और विभिन्न एजेंसियां काम कर सकेंगी।
हिमाचल में भारतीय वन संरक्षण अधिनियम के तहत अनुमति लिए बिना ही लगभग 1500 सड़कें बना दी गई थीं। खाली वन भूमि में बनीं इन सड़कों के लिए संबंधित विभाग ने मंजूरी नहीं ली।