मेधा प्रोत्साहन योजना में जमा दो के विद्यार्थियों को जेईई, नीट, एफएमसी, एनडीए, सीएलएटी में प्रवेश के लिए राज्य और राज्य से बाहर के संस्थानों में कोचिंग दिलाई जाएगी। कॉलेज स्टूडेंट्स को रोजगार आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग/इंशयोरेंस और रेलवे क्षेत्र में नौकरी के लिए कोचिंग दिलाई जाएगी।
अंडर ग्रेजुएशन में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के 75 फीसदी अंक और आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियाें के 65 फीसदी अंक होने चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएशन में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के 50 फीसदी और आरक्षित वर्ग के 45 फीसदी अंक होने चाहिए। पांच करोड़ के बजट प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस योजना को शुरू करने की अपने पहले बजट भाषण में घोषणा की थी।