बगीचों में सेब की अर्ली वैरायटी तैयार हो चुकी है, लेकिन मंडियों में सेब लाने के लिए यूनिवर्सल कार्टन नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह से सैकड़ों बागवानों की परेशानियां बढ़ गई है। सरकार की ओर से बागवानों की सुविधा को देखते हुए इस वर्ष प्रदेश की सभी मंडियों में टेलिस्कोपिक कार्टन की जगह यूनिवर्सल कार्टन में सेब कारोबार करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सीजन शुरू होने के बाद भी बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन नहीं मिलना बागवानों के लिए मुसीबत बन गया है। पुराने कार्टन (टेलिस्कोपिक) में सेब लाने पर आढ़ती को नोटिस दिया जा रहा है। इसके चलते आढ़ती पहले ही बागवानों का सेब खरीदने से इंकार कर रहे हैं।
नाशपाती उगाने वाले बागवानों को राहत
बागवानों का कहना है कि एचपीएमसी के सेब खरीद केंद्रों पर भी यूनिवर्सल कार्टन नहीं मिल रहे हैं। हालांकि यूनिवर्सल कार्टन बाजार में आ चुका है, लेकिन कुछ इलाकों में इसकी सप्लाई नहीं पहुंची है। हालांकि अभी सरकार की ओर से नाशपाती को कुछ दिनों तक बागवानों को पुराने वाले कार्टन में लाने की अनुमति दी है। जिससे नाशपाती उगाने वाले बागवानों को राहत मिली है, लेकिन सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा।
'कार्टन की सप्लाई नहीं पहुंची'
कोटगढ़ क्षेत्र के बुट्टी के बागवान सुरेंद्र भलैक ने कहा कि बगीचों में रेड जून सेब की फसल तैयार है। कार्टन न होने के चलते मंडी में बेचने के लिए नहीं ले जा पा रहे हैं। हर वर्ष सोसायटी की ओर से कार्टन उपलब्ध करवाए जाते हैं, लेकिन अभी तक कार्टन की सप्लाई सोसायटी के पास भी नहीं पहुंची है।
'नए कार्टन की सप्लाई अभी तक नहीं मिली'
कोटगढ़ के ही बागवान जोगेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने कार्टन तो बचे हुए हैं, लेकिन उनमें सेब नहीं बिक रहा है। जब तक उनके पास कार्टन नहीं पहुंचते तब तक फसल खेतों में ही पड़ी रहेगी। करसोग के बागवान सचिन चौहान ने कहा कि नए कार्टन की सप्लाई अभी तक नहीं मिली है। यदि समय पर बागवानों को इसकी सप्लाई नहीं मिलती है तो बागवानों को मजबूरन सड़क पर उतरकर सेब बेचना पड़ेगा।
तीन नोटिस के बाद आढ़ती का लाइसेंस होगा रद्द
एपीएमसी शिमला किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने बताया कि पुराने कार्टन में सेब बेचने पर आढ़ती को नोटिस दे दिया जाएगा। तीन नोटिस मिलने के बाद आढ़ती को मंडी में आवंटित जगह और लाइसेंस दोनों रद्द कर दिए जाएंगे। यदि आढ़ती अपनी फार्म पर टेलिस्कोपिक कार्टन में सेब की पेटी उतारता भी है तो भी उसे नोटिस दे दिया जाएगा।
'10 जुलाई से पहले उपलब्ध होंगे कार्टन'
एक जुलाई को एचपीएमसी की ओर से यूनिवर्सल कार्टन की टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया गया है। इसके बाद कार्टन बनाने वाली कंपनी को इसकी सप्लाई के आदेश दे दिए गए हैं। 10 जुलाई से पहले जिला भर में एचपीएमसी के सभी सेब विक्रय केंद्रों पर यह बागवानों को मिलना शुरू हो जाएंगे
- सुदेश कुमार मोक्टा, प्रबंध निदेशक, एचपीएमसी