हर साल की तरह इस साल भी मार्केट में किन्नौर के रसीले सेब की जबरदस्त डिमांड है, लेकिन किन्नौरी सेब को अच्छे रेट नहीं मिल पा रहे हैं। मंडियों में कोरोना का बहाना बनाकर खरीदार सस्ती कीमतों पर किनौरी सेब खरीद रहे हैं। अच्छे रेट न मिलने के कारण किन्नौर के सेब बागवान खासे परेशान हैं। किन्नौर का सेब दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना, परवाणू और नारकंडा में बिकता है। प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के किन्नौर से सदस्य अमीर चंद नेगी का कहना है कि बीते साल के मुकाबले इस साल किनौरी सेब को बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे हैं। मंडियों में खरीददार बागवानों को उनके बढ़िया माल के अच्छे रेट नहीं दे रहे हैं।
पिछली साल जहां 2500 रुपए प्रति पेटी सेब के दाम बागवानों को मिल रहे थे, वहीं इस साल 1500 रुपये प्रति पेटी तक ही रेट मिल पा रहे हैं। किन्नौर ठंगी के रहने वाले बागवान भीष्म नेगी का कहना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस साल बागवानों को सेब के बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सेब की कीमतों में सुधार आएगा। यंगपा 1 के रहने वाले बागवान प्रवीण नेगी का कहना है कि मार्केट में बी ग्रेड के सेब को अच्छे रेट नहीं मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में फेस्टिवल सीजन के दौरान सेब की कीमतों में उछाल आने की उम्मीद ह