संयुक्त किसान मंच अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।
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संयुक्त किसान मंच के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के 27 किसान-बागवान संगठन शुक्रवार को राजधानी में नवबहार चौक से छोटा शिमला तक आक्रोश रैली निकालेंगे। इस दौरान सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा। किसान-बागवान फलों की पैकेजिंग पर जीएसटी खत्म करने, कश्मीर की तर्ज पर एमआईएस के तहत सेब खरीद करने और सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं। बागवान संगठन सरकार की ओर दी गई 6 फीसदी जीएसटी छूट की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग कर रहे हैं। 20 सूत्रीय मांग पत्र में उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी में बागवान प्रतिनिधियों को शामिल न करने से भी बागवान संगठन नाराज हैं। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान का कहना है कि शिमला के स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए आक्रोश रैली का समय 10:30 बजे रखा गया है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले बागवानों के वाहन ढली संजौली बाईपास पर पार्क होंगे ताकि जाम की समस्या पेश न आए। प्रदर्शन पूरी तरह शांति पूर्ण रहेगा।
ये भी हैं बागवानों की मांगें
मंडियों में एपीएमसी कानून सख्ती से लागू करने, बैरियरों पर मार्केट फीस वसूली बंद करने, खाद, बीज, कीटनाशकों पर सब्सिडी बहाल करने, कृषि बागवानी सहयोगी उपकरणों पर सब्सिडी जारी करने, प्राकृतिक आपदाओं का मुआवजा जारी करने, ऋण माफ करने, बागवानी बोर्ड का गठन करने, सभी फसलों के लिए एमएसपी तय करने, निजी कंपनियों के सेब खरीद रेट तय करने को कमेटी बनाने, सहकारी समिति को सीए स्टोर बनाने के लिए 90 फीसदी अनुदान देने, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने और मालभाड़े की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग की जा रही है।