मौजूदा समय में प्रदेश सरकार की ओर से राशन कार्ड उपभोक्ताओं को चार में से तीन दालें मलका, माश और दाल चना दी जा रही हैं। इसके अलावा दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक दिया जा रहा है। आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करवा रही है।
12.50 लाख कार्ड धारकों पर असर
प्रदेश में करीब 19 लाख राशन कार्ड हैं, इसमें 12.50 लाख एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। जब भी कोई सप्लाई कम होती है तो इन्हीं उपभोक्ताओं के राशन पर कट लगाया जाता है। इसमें गरीब और मध्यम वर्गीय तबका शामिल हैं। अधिकतर परिवारों का गुजारा डिपुओं के राशन से चलता है। ऐसे में अगर राशन के अलॉटमेंट में कोई कमी हो तो इनकी जेब पर सीधा असर पड़ता है।
बाजार में मिलता है महंगा
सरकारी राशन के डिपुओं पर एपीएल उपभोक्ताओं को 12 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से अनुदान पर आटा दिया जा रहा है। जबकि बाजार में आटा 36 से 45 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दिया जाता है। ऐसे में इससे बाजार से अब तीन गुना दामों पर आटा खरीदना पड़ेगा। जिससे होली के त्योहार में उनका पूरा बजट बिगड़ जाएगा।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन श्रवण हिमालयन अलाटमेंट जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मार्च में डिपुओं पर 11 किलो आटा प्रति एपीएल राशनकार्ड दिया जाएगा। इसके लिए सभी डिपो होल्डरों को राशन उठाने के लिए कह दिया गया है। मार्च के पहले सप्ताह में सभी डिपुओं पर राशन पहुंच जाएगा।