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अमर उजाला अपराजिता: टेक्नोलॉजी को समझे फिर करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल, साइबर क्राइम से ऐसे बचें

Wed, 09 Jan 2019 05:52 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बुधवार को महिला आईटीआई शिमला में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।

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सोशल मीडिया वरदान या अभिशाप विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिमला पुलिस से डीएसपी सिटी प्रमोद शुक्ला और महिला थाना बीसीएस की प्रभारी रीना ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने प्रशिक्षुओं को बताया कि कैसे साइबर क्राइम से बचा जा सकता है।  
   
डीएसपी सिटी प्रमोद शुक्ला ने कहा कि वह स्वयं जागरूक होंगी तो उनका कोई शोषण नहीं कर पाएगा। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। साइबर क्राइम के आंकड़े बढ़ रहे हैं।
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हर इंटरनेट यूजर और सोशल मीडिया यूजर को चाहिए कि वह नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना शुरू करने से पहले उसे सही ढंग से समझे। देश में 42 लड़कियां शारीरिक शोषण और 70 महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं।

इसके फायदे और नुकसान का सही ज्ञान होगा तो इसे इस्तेमाल करने वाले को काई समस्या नहीं आएगी। कार्यक्रम में सौ आईटीआई के विभिन्न ट्रेड की प्रशिक्षुओं और इंस्ट्रक्टरों सहित महिला आईटीआई के प्रधानाचार्य कुशल कुमार शर्मा तथा पुरुष आईटीआई के प्रधानाचार्य एलआर वर्मा ने भी शिरकत की।

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ऐसे बचें साइबर क्राइम से  

1. अनजान व्यक्ति को फेसबुक फ्रेंड न बनाएं 
2. मोबाइल को लापरवाही से खुला न छोड़ें, गिफ्ट में न लें
3. सहपाठी, सहकर्मियों से व्यवहार करते समय सीमा तय करें 
4. अपने लाइफ स्टाइल से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें 
5. लाइक्स के चक्कर में फोटो और अपने परिवार की लोकशन न बताएं 
6. ई मेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड को शेयर न करें 
7. सोशल मीडिया पर आपका कोई पीछा करता है, तो इसकी शिकायत करें 

पुराना मोबाइल न बेचें न ही किसी को दें : रीना 

महिला थाना बीसीएस की प्रभारी रीना ने महिला प्रशिक्षुओं को महिलाओं की सुरक्षा और मुसीबत के समय पुलिस की मदद प्राप्त करने के लिए बनी शक्ति एप्लीकेशन को डाउनलोड करने और इसके इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बताई।

उन्होंने सोशल मीडिया में क्लोजर ग्रुप सोशल मीडिया एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने और फेसबुक जैसी सार्वजनिक एप्लीकेशन का सीमित उपयोग करने की सलाह दी।

बताया कि अपना खराब या पुराने मोबाइल को किसी को न दें। हो सके तो उसे जला दें। इसमें स्टोर की हर जानकारी डीलीट करने के बावजूद प्राप्त की जा सकती है।

क्या बोली महिला प्रशिक्षु

शक्ति ऐप के इस्तेमाल की मिली जानकारी : रीतू 
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शिक्षु रितु ने कहा कि कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को बनी गुड़िया और शक्ति एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने का तरीका इस कार्यक्रम में चला। यह कार्यक्रम काफी फायदेमंद रहा। 

सोशल मीडिया के इस्तेमाल की मिली जानकारी : शालिनी 
प्रशिक्षु शालिनी ने कहा कि कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी के लिए खतरनाक बन सकता है। सावधानी क्या बरतें यह भी बताया

मुसीबत में हिम्मत से लें काम : दयावंती 
दयावंती ने कहा कि डीएसपी प्रमोद शुक्ला ने मुसीबत के समय हिम्मत से काम लेने की बात बताई। कहा कि हर अपराधी अपराध करते वक्त डरा हुआ होता है ऐसे वक्त हिम्मत से काम लें तो क्राइम को रोका जा सकता है। 
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कानूनी पहलुओं का चला पता : पूजा 

पूजा ने कहा कि इस कार्यक्रम में उन्हें सरकार के महिला सुरक्षा को लेकर बनाए कानूनों की जानकारी मिली। इसे अपनी सुरक्षा के लिए प्रयोग करने, पुलिस की मदद कैसे लें इस बार में अधिकारियों ने बताया।

पुलिस ने बांटे जानकारी युक्त पर्चे
शिमला पुलिस ने गुड़िया, होशियर और शक्ति एप्प और पुलिस विभाग के तैयार किए  सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के खास पर्चे को प्रशिक्षुओं और स्टाफ को बांटा । 

देश में 40 फीसदी लड़कियां शारीरिक शोषण, 70 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की होती है शिकार-शुक्ला 
डीएसपी शुक्ला ने प्रशिक्षुओं को बताया कि महिलाओं की चुप्पी के कारण देश में 42 फीसदी लड़कियां किसी न किसी रूप में शारीरिक शोषण का शिकार होती है, जबकि 70 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती है। 
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