अस्पताल में मरीजों के आने का सिलसिला लगातार रहता है इसलिए मरीजों का गुस्सा डॉक्टर से पहले नर्सों पर फूटता है इसलिए वह मरीजों के गुस्से को शांत करने के लिए बेहतर संवाद उनके साथ रखे।
प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा ने कहा कि वह नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी हैं तो वह हेल्थ दूत बनकर समाज में बच्ची और महिलाओं को आसानी से यह संदेश पहुंचा सकती हैं। यहीं से वह हिमाचल और पूरे देश में महिलाओं के हर क्षेत्र में आकर कार्य करने की जानकारी दे सकती हैं।
इस मौके पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखदेव वर्मा, महासचिव रजनीश पुनिया, नर्सिंग अधीक्षक कमला शुक्ला, वीना, ज्वाइंट डायरेक्टर संजीव सूद, एसीएफ प्रणव नेगी और लॉ ऑफिसर रवि शुक्ला समेत अन्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।