महिलाओं को कोई हथियार, व्यवसाय, यूनिफार्म सशक्त नहीं बनाएगी। वे हिम्मत के साथ अपने जीवन के निर्णयों को स्वयं लेगी तो उन्हें कोई नहीं हरा सकता। उन्होंने कहा कि अपने अंदर की अपराजिता को पहचानें।
कार्यक्रम की विशेष अतिथि खंड विकास अधिकारी डॉ. जयवंती ठाकुर ने कहा कि कहा कि समाज में महिला पर अत्याचार हो रहे हैं। उसके पीछे एक कारण यह भी रहा है कि कई बार महिला ही महिला का सहयोग नहीं करती हैं।
ऐसा न करें, बल्कि एक-दूसरे का सहयोग करे तभी परिवर्तन आएगा। युवा पीढ़ी इसमें सक्षम है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से थोड़ा बचकर रहें। निजी जानकारी किसी से शेयर न करें।
फेसबुक और व्हाट्सएप से बाहर आएं। क्रिश्चियन नर्सिंग संस्थान के चेयरमैन सुखदेव मसीह ने कहा कि बदलाव के लिए महिला व छात्रा का शिक्षित होना जरूरी है। जब महिला शिक्षित होगी तभी उसे अपने अधिकारों के बारे में पता चल सकेगा।
मिली प्रेरणा
दीक्षा शर्मा ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें प्रेरणा मिली है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह मुहिम सराहनीय है।
महिलाओं का बढ़ेगा हौसला
अंजली राव ने कहा कि अपराजिता का मतलब कभी हार न मानने वाली महिला है। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं का हौसला बढ़ेगा।
हक के लिए लड़ें
चिंता ने कहा कि महिला अगर ठान लें तो वह कुछ भी कर सकती है। समाज में उसे हक पाने के लिए अब लड़ना होगा।
रोचक जानकारी मिली
भीष्मा ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उन्हें रोचक जानकारी हासिल हुई है। इसे वह दूसरों के साथ साझा करेंगी।
कार्यक्रम से मिलेगा लाभ
मीनाक्षी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक, बीडीओ ने जिस तरह से प्रशिक्षुओं को समझाया। उससे उनको आवश्यक लाभ मिलेगा।
डटकर करें मुकाबला
शीना वर्मा ने कहा कि महिला को किसी से डरना नहीं चाहिए। हर मुसीबत का डटकर मुकाबला करना चाहिए।