नरेंद्र मोदी सरकार में अब तक हिमाचल प्रदेश से सबसे कम उम्र के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बने अनुराग ठाकुर दो-दो मंत्रालय संभालेंगे। अनुराग ठाकुर को केंद्रीय युवा सेवाएं एवं खेल के साथ सूचना एवं प्रसारण जैसा बड़ा मंत्रालय दिया गया है। यह पहली बार है जब प्रदेश के किसी नेता को केंद्रीय सरकार में इतना बड़ी जिम्मेदारी मिली है। महज 47 साल की उम्र में उन्होंने यह मुकाम हासिल कर अपना स्थान तो ऊंचा किया ही, देवभूमि का भी कद बढ़ाया है। यहां से अभी तक वीरभद्र सिंह, शांता कुमार, आनंद शर्मा और जगत प्रकाश नड्डा ही कैबिनेट मंत्री रहे हैं। पूर्व में केवल पंडित सुखराम के पास ही केंद्रीय संचार राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार रहा है, जबकि अनुराग ठाकुर के अलावा वीरभद्र सिंह और विक्रम महाजन राज्य मंत्री रहे हैं। अनुराग का बुधवार को मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की सूची में 15वां नाम था।
यह सूची बाहर आई तो ये पहेलियां बुझाई जाती रहीं कि वह कैबिनेट मंत्री बनेंगे या राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार पाएंगे। फिर उन्होंने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली तो यह हिमाचल प्रदेश के हिस्से में बड़ा पद आया। वह युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री बने हैं और उनके पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भी रहेगा। अनुराग ठाकुर अपनी मेहनत के बूते बीसीसीआई के अध्यक्ष बने। इससे पहले एचपीसीए के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने में अहम योगदान दिया। इस छोटे से शहर को विश्व के नक्शे पर अभिन्न पहचान दी। उनके प्रयासों से ही कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच यहां खेलाए गए। एपीसीए का अध्यक्ष रहते हुए राज्य की पूर्व वीरभद्र सिंह में उन्होंने कई मुकदमों का भी सामना किया। हालांकि, वह अविचलित आगे बढ़ते रहे और बीसीसीआई अध्यक्ष जैसे अहम पद तक पहुंचे। ऐसे में यह मंत्रालय एकदम उनके स्वभाव के अनुकूल है। सुषमा स्वराज, प्रकाश जावड़ेकर जैसे बड़े भाजपा नेताओं के पास रह चुके सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अनुराग के पास आने का भी हिमाचल प्रदेश को लाभ होगा।