लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद अब हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) में बड़े बदलाव हो सकते हैं। 70 सदस्यों की एसोसिएशन में ऊपर से नीचे तक कई पदाधिकारियों की छुट्टी तय मानी जा रही है।
समिति की सिफारिशों के अनुसार 9 साल तक ही कोई व्यक्ति राज्य क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रह सकता है, जबकि अनुराग 16 वर्षों से एचपीसीए अध्यक्ष हैं। इसी तरह जिला क्रिकेट संघों में भी इन सिफारिशों के लागू होते ही सब कुछ बदल जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अगर अनुराग ठाकुर को एचपीसीए अध्यक्ष पद से हटना पड़ा तो अगला अध्यक्ष कौन बनेगा इस पर माथापच्ची अभी से शुरू हो गई है। वर्तमान में एचपीसीए अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हर पांच साल बाद होते हैं।
चुनाव प्रक्रिया में एसोसिएशन के सदस्य, जिलों के अध्यक्ष और सचिवों सहित कार्यकारी बोर्ड के 27 और 20 आजीवन सदस्य हिस्सा लेते हैं। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले अधिकतर एचपीसीए सदस्य अनुराग समर्थक हैं।
क्रिकेट के रास्ते राजनीति में आए थे अनुराग
क्रिकेट के रास्ते राजनीति में आए अनुराग ठाकुर ने प्रदेश में क्रिकेट के क्षेत्र में बेहतर काम करके पहचान बनाई है। अनुराग ने युवाओं के बीच अच्छी पकड़ बनाई और वर्ष 2008 में हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया।
यह सीट तत्कालीन भाजपा सांसद सुरेश चंदेल के विवादों में फंसने से खाली हुई थी। अनुराग मई 2008 में चौदहवीं लोकसभा, 2009 में पंद्रहवीं और 2014 में सोलहवीं लोकसभा के लिए बतौर सांसद चुने गए।
लगातार तीन बार हमीरपुर से लोकसभा सांसद रहे अनुराग ठाकुर भारतीय जनता युवा मोर्चा के दो बार राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। जुलाई 2016 में प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए।
इन संघों में भी रहे अनुराग
मई 2000 में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष
वर्ष 2009 में साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान चैंपियन ट्रॉफी में इंडिया टीम के मैनेजर
हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष
राइफल एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष
हॉकी हिमाचल प्रदेश के महासचिव
इंडिया हॉकी एसोसिएशन के वाइस प्रेजीडेंट
26 वर्ष की उम्र में भारतीय जूनियर क्रिकेट टीम के सिलेक्टर बने
अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्तूबर 1974 को हिमाचल के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और माता शीला धूमल के घर जिला हमीरपुर के गांव समीरपुर में हुआ। उन्होंने जालंधर के दयानंद मॉडल स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा जबकि डोबा कॉलेज जालंधर से बीए स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पूर्व लोक निर्माण एवं राजस्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह की पुत्री शैफाली ठाकुर के साथ वर्ष 2002 में अनुराग ठाकुर परिणय सूत्र में बंधे।
एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक बुलाएंगे : संजय
एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रति मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा। जजमेंट के अध्ययन के बाद ही अनुराग ठाकुर के अध्यक्ष पद को लेकर कुछ कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल में क्रिकेट के निखार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अनुराग के रहते हुए हम हिमाचल में खेल को मरने नहीं देंगे। एचपीसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। इसमें तय किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनुराग ठाकुर का पद प्रभावित हो रहा है या नहीं।
200 करोड़ की संपत्ति पर कांग्रेस की नजर
200 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम को कब्जाने के लिए कांग्रेस की ओर से फिर कवायद शुरू हो सकती है। वर्ष 2002 में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर राजनीति गरमाई थी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकाल के दौरान एचपीसीए पर शिकंजा कसने के लिए खेल विधेयक लाने की तैयारी की गई।
2005 में क्रिकेट के मैदान पर कब्जा करने के लिए समानांतर एचपीसीए संगठन ने हल्ला बोल दिया। फिर भाजपा सरकार आई। 2010 में एचपीसीए ने खेल विधेयक से बचने के लिए खुद को सोसाइटी से कंपनी में तबदील कर दिया। विजिलेंस जांच के बाद एचपीसीए और सरकार में विवाद चर्म पर पहुंच गया।