हाईकोर्ट में एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की ओर से अपने खिलाफ धर्मशाला में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को निरस्त करने संबंधी याचिका पर सुनवाई 9 मार्च 2017 के लिए टल गई है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई।
एचपीसीए के पदाधिकारियों पर आरोप हैं कि इन्होंने सरकारी अधिकारियों से मिलकर सरकारी भूमि पर बने सरकारी कॉलेज भवन को गिराकर होटल का निर्माण किया। 3 अक्तूबर, 2013 को सतर्कता विभाग धर्मशाला में अनुराग ठाकुर सहित अन्य एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया।
विस्तृत जांच के बाद 14 नवंबर, 2014 को विशेष न्यायाधीश धर्मशाला के समक्ष आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। एचपीसीए, अनुराग ठाकुर, संजय शर्मा और गौतम ठाकुर ने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमे को खारिज करने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की हैं।
अवैध पेड़ कटान मामले की सुनवाई 17 मार्च तक टली
हाईकोर्ट में एचपीसीए के खिलाफ धर्मशाला में दर्ज अवैध पेड़ कटान मामले में दर्ज प्राथमिकी को रदद करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 17 मार्च, 2017 के लिए टल गई है। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई।
एचपीसीए के खिलाफ सरकारी भूमि से सवा चार सौ पेड़ो के कथित अवैध कटान के कारण दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले के अनुसार धर्मशाला स्थित पवेलियन होटल के निर्माण में सरकारी भूमि से सवा चार सौ पेड़ों के अवैध कटान की बात सामने आई थी। 29 नवंबर, 2013 को इस बाबत प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, सचिव विशाल मरवाह, पीआरओ संजय शर्मा, तात्कालिक तहसीलदार जगदीश राम, वन विभाग के रेंज अधिकारी विधि चंद, तात्कालिक कानूनगो कुलदीप कुमार और तात्कालिक पटवारी जगतराम को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच करने के बाद विशेष न्यायाधीश के समक्ष चालान पेश किया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार यह मामला सिविल नेचर का है, लेकिन मुख्यमंत्री कि विशेष दिलचस्पी के चलते इस मामले को क्रिमिनल बनाया गया है।