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Shimla News: चाकू से हमले करने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज

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फागली चौक पर ढाबा संचालक पर किया था हमला
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई कोर्ट) शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने राजधानी के फागली चौक पर ढाबा संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपी विशाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता और मामले से जुड़े साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है।

पुलिस स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार वारदात 8 जुलाई 2026 की है। फागली चौक पर ढाबा चलाने वाले विक्रम शर्मा पर दो लोगों ने हमला कर दिया था। पीड़ित की पत्नी भारती शर्मा की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक घायल को अस्पताल ले जाया जा चुका था। अस्पताल में पीड़ित की मां चंचला देवी ने बताया कि जब वह शोर सुनकर मौके पर पहुंचीं तो देखा कि एक आरोपी ने उनके बेटे को गले से पकड़ रखा था जबकि दूसरे ने उसकी पीठ पर चाकू से वार किया। मेडिकल जांच में सामने आया कि पीड़ित को धारदार हथियार से गंभीर चोटें आई हैं और उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है।
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मामले में शामिल सह-आरोपी कमल कुमार को पुलिस ने 6 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं दूसरा आरोपी शिमला निवासी आरोपी विशाल चड्ढा वारदात के बाद पंजाब चला गया था और जांच में शामिल नहीं हुआ। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी विशाल के खिलाफ वर्ष 2025 में भी एक प्राथमिकी दर्ज है और बाहर रहने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि विशाल निर्दोष है और मुख्य आरोपी कमल कुमार है। सरकारी अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों ने साझा इरादे से वारदात को अंजाम दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसे पर्याप्त साक्ष्य हैं जो आरोपी को इस अपराध से जोड़ते हैं। अदालत ने माना कि सिर्फ हथियार की बरामदगी के लिए ही नहीं बल्कि अब तक जुटाए सबूतों के आधार पर आरोपी से आमने-सामने पूछताछ करने के लिए भी पुलिस हिरासत आवश्यक है। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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