आईजीएमसी अस्पताल में एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। यह इमरजेंसी जीवन रक्षक ड्रग है। ये दवा बाजार में भी उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कसौली से उन्हें इस इंजेक्शन की सप्लाई नहीं आ रही है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। बीते सप्ताह मंडी की महिला की सर्पदंश के कारण आईजीएममी में मौत हो चुकी है।
आईजीएमसी अस्पताल में रोजाना सर्प दंश के छह से सात मरीज पहुंच रहे हैं। प्रबंधन के पास एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन का स्टाक था लेकिन इस बार मरीजों की संख्या में इजाफे से इंजेक्शन खत्म हो गए। इसके बाद कसौली से पर्याप्त स्टाक मांगा गया लेकिन वहां से केवल 30 इंजेक्शन मिले।
ये भी अब खत्म हो गए हैं। ऐसे में सर्पदंश से पीड़ित को डाक्टर एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन नहीं दे पा रहे हैं। इस स्थिति में गंभीर मरीज की जान भी जा सकती है। अस्पताल में हड़कंप है लेकिन प्रबंधन सप्लाई न मिलने पर लाचार है। मरीज को तड़पते देखने के अलावा उनके पास दूसरा कोई चारा नहीं है।
इसलिए जरूरी है यह इंजेक्शन
डाक्टरों का कहना है कि सांप के डंसने से होने वाली मौत पर नियंत्रण के लिहाज से यह दवा काफी लाभदायक है। सांप के डंसने से मिचली आती है उल्टी होने लगती है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। डंसने वाले स्थान पर सूजन आ जाती है। खून के थक्के बनने की प्रक्रिया थम जाती है। घबराहट होने लगती। इसमें हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। समय पर एंटी स्नेक वीनम मिलने से काफी हद तक मौत को टाला जा सकता है।
क्या कहता है प्रबंधन
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने माना कि एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। सप्लाई नहीं मिल रही है। सर्प दंश के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हो रहा है। दूसरे सरकारी अस्पतालों से एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन का स्टाक मंगवाया जा रहा है।