पंचायतों में गठित समितियों की बैठक में नशे के खिलाफ आंदोलन का एलान, तस्करी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
पंचायतों में बढ़ेगी खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला की विभिन्न पंचायतों में अब नशा निवारण समितियां तस्करों का सफाया करेंगी। समितियां पंचायतों में ऐसे लोगों का पता लगाएंगी जो नशा करते हैं या नशे की तस्करी करते हैं। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी जाएगी।
जिले की अधिकतर पंचायतों में समितियों का गठन हो चुका है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि चिट्टे के फैल रहे जाल को पुलिस लोगों की मदद से आसानी से काट देगी। जिले में हुई इन समितियों की बैठकों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों, महिला मंडलों, युवक मंडलों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठकों में चिट्टा मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके साथ पंचायतों में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि युवा नशे की तरफ आकर्षित न हों। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने चिट्टा मुक्त हिमाचल के संकल्प को जनआंदोलन बनाने और नशे के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी जरूरी : शर्मा
अतिरिक्त उपायुक्त शिमला सचिन शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है। यदि किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आती है तो नागरिक बिना किसी भय के इसकी सूचना संबंधित प्रशासन और पुलिस को दें। समय पर मिली सूचना नशे के नेटवर्क को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।