केस स्टडी -1
न्यू शिमला सेक्टर तीन में 23 अगस्त की शाम करीब 4:00 बजे एक महिला अपने घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान शिव मंदिर के पास सीढि़यों पर एक युवक पहले ही खड़ा हुआ था जैसे ही महिला युवक के समीप पहुंची तो युवक ने अचानक झपटा मारकर महिला के गले से हार निकाल लिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने के बाद उसे दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ की गई तो पता चला कि आरोपी चिट्टे का आदी है
केस स्टडी -2
खलीनी बाईपास में 29 जून को एक महिला डॉक्टर अपने परिवार के साथ कनलोग में रहने वाले अपने रिश्तेदार के यहां आए। इस दौरान उन्होंने अपनी कार सड़क के किनारे खड़ा कर दी। गलती से वह अपना बैग गाड़ी में ही भूल गए जिसमें सोने के गहने थे। अगले दिन जब वह गाड़ी के पास पहुंचे तो शीशा तोड़कर किसी ने बैग को चुरा लिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो मामले में एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया गया। वह भी नशे का आदी निकला।
केस स्टडी -3
सितंबर महीने में संजौली क्षेत्र में बैंक में काम करने वाले व्यक्ति के घर से दिनदहाड़े की लाखों के गहनों की चोरी का मामला सामने आया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक नशे का आदी है और लंबे समय से घर भी नहीं जा रहा है। आरोपी युवक गाड़ी में रहता था। आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और उसने घर से करीब पांच लाख रुपये के गहने चुराए थे।
एसपी शिमला ने ये कहा
चिट्टे का नशा युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है। इसकी पूर्ति के लिए युवा चोरी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लगातार इस पर चोट की है। यही वजह है कि जिले में चोरी की घटनाओं में भी कमी देखी है। इसके लिए पुलिस ने सोशल इंटेलिजेंस इंटीग्रेटिड सिस्टम तैयार किया है। इसकी मदद से नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। -संजीव कुमार गांधी, एसपी शिमला
प्रदेश में नशा बढ़ने से चोरियों के मामले बढ़े
प्रदेश में वर्ष 2023 में चोरी के 660 मामले दर्ज किए हैं जबकि इस साल अगस्त तक पुलिस विभाग ने 384 मामले दर्ज किए हैं। वर्ष 2020 में 347, वर्ष 2021 में 475 और वर्ष 2022 में 670 तथा वर्ष 2023 में 660 मामले सामने आए हैं। इसमें घरों में होने वाली चोरियों के अलावा अन्य मामले शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक दस साल पहले चोरी के मामलों में बाहरी राज्यों के चोर गिरोह और अन्य लोगों की संलिप्तता रहती थी लेकिन चिट्टे के नशे का प्रचलन प्रदेश में बढ़ने के कारण अब प्रदेश के युवाओं की संलिप्तता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि नशे में फंसे युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए महकमा प्रयास कर रहा है शिविर भी लगा रहा है।