हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बीड़ बिलिंग में पैराग्लाडिंग के बढ़ते हादसों पर संज्ञान लिया है। पैराग्लाडिंग करते समय नौसेना अधिकारी की मौत पर अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। के रल निवासी विबन देव की मौत पर अदालत ने यह संज्ञान लिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की है। यह हादसा मंगलवार को उस समय हुआ, जब बिलिंग से उड़ान भरने के बाद कुछ ही मिनटों में पैराग्लाइडर नीचे आ गया। स्थानीय लोगों की मदद से देव को तुरंत सेना अस्पताल पालमपुर ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। देव नौसेना में पायलट के पद पर कार्यरत थे। पिछले महीने मिजोरम निवासी सेना के जवान की उस समय मौत हो गई थी, जब उनका पैरा ग्लाइडर बिलिंग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एक अन्य दुर्घटना में गाजियाबाद के एक पर्यटक और उसके सहायक की भी बिलिंग से उड़ान भरने के दौरान मौत हो गई थी। 12 साल के आदविक की पैराग्लाडिंग के दौरान मौत की प्रकाशित खबर पर अदालत ने जनहित याचिका दर्ज की है। अदालत ने साहसिक खेल गतिविधियों में सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद सेना के अफसरोंको सौंपा पैराग्लाइडर पायलट का शव
पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी में सोलो उड़ान के दौरान दुर्घटना में 33 वर्षीय नेवी के पैराग्लाइडर पायलट विबन देव का मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव सेना के उच्च अधिकारियों को सौंप दिया गया है। मंगलवार को बिलिंग स्थित टेक ऑफ प्वाइंट से सोलो पायलट के रूप में उड़ान भरने के बाद नेवी पायलट का पैराग्लाइडर अनियंत्रित हो गया और नीचे गिर गया। दुर्घटना के तुरंत बाद पायलट को आर्मी अस्पताल होलटा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय पायलटों के अनुसार ऊंचाई पर होने के कारण पैराग्लाइडर हवा से स्पिन होता है और उसे समय रहते कंट्रोल न किए जाने की स्थिति में यह बंद होने लगता है। अंदेशा जताया जा रहा है कि नेवी अधिकारी के साथ हुई दुर्घटना में भी ऐसा हुआ होगा। इससे पूर्व भी अभ्यास उड़ानों के दौरान एक सेना के पायलट की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि विबन देव अपने साथियों के साथ बीड़ में आए हुए थे और इससे पूर्व भी वह पैराग्लाइडर में उड़ान भरते रहे हैं। इस सीजन में अब तक यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है। एसडीएम सलीम आजम ने बताया कि शव सेना के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।