इस सड़क के निर्माण के तहत कटिंग, सड़क की सोलिंग और डंगों का निर्माण किया जाना था, लेकिन पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार प्रधान की ओर से खर्च की राशि में कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। पंचायत की ओर से खर्च की गई राशि और कार्यालय की मूल्यांकन रिपोर्ट में लगभग अढ़ाई लाख रुपये का अंतर पाया गया। कार्यालय ने प्रधान को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के आदेश जारी किए, लेकिन प्रधान ने समय अवधि बीत जाने तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया। इस पर जिला पंचायत अधिकारी ने पंचायती राज अधिनियम/नियमों के तहत कार्रवाही करते हुए प्रधान को निलंबित कर दिया है और बकाया राशि को जमा करवाने के आदेश पारित किए हैं।
दूसरी ओर, जब इस बारे में प्रधान से बात करनी चाही तो प्रधान ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। मझोगड़ा नाला से मझोगड़ा मोहाल सड़क निर्माण में स्वीकृत राशि और खर्च की गई राशि की मूल्यांकन रिपोर्ट में खामियां पाई गई हैं, जिस पर कार्रवाही करते हुए प्रधान को पद से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा प्रधान पर 2,55,125 की राशि की रिकवरी भी डाली गई है। प्रधान को अपना पक्ष रखने के लिए नियमानुसार समय दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया, जिसके बाद यह कार्रवाही की गई है। - जगदीप सिंह, खंड विकास अधिकारी
यह है मामला
स्थानीय लोगों ने उक्त प्रधान के खिलाफ शिकायत खंड विकास अधिकारी ठियोग के पास की थी। इसके बाद कनिष्ठ अभियंता ने मामले की जांच की। मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक सड़क की कटाई के लिए 88,440 और सोलिंग पर 77,934 रूपये की राशि आंकी गई। मूल्यांकन रिपोर्ट में पंचायत रिकाॅर्ड से अधिक पैसे खर्च किए गए। उक्त कार्य करवाने के लिए मस्टररोल लगाया जाना था, लेकिन पंचायत ने कोई मस्टररोल जारी नहीं किया। हैरत की बात है कि उक्त कार्य की अदायगी पंचायत द्वारा जेसीबी मशीन से दर्शाई गई। उधर, पंचायत अधिकारी ने बताया कि प्रधान को कार्य में लापरवाही बरतने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने पंचायत से जुड़ा रिकॉर्ड और सामान को पंचायत सचिव को सौंपने के आदेश जारी भी दिए हैं।