आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स यूनियन संबधित सीटू ने आंगनबाड़ी कर्मियों को कोरोना ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष नीलम जसवाल, उपाध्यक्षा सुमित्रा देवी, खीमी भंडारी, लज्या देवी, बिम्बो देवी, चंपा देवी, महासचिव राजकुमारी, सचिव वीना देवी, बिमला देवी, पिंगला गुप्ता, शशि किरण, दुर्गा देवी और अंजुबाला ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों की जान से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने 18 से 25 नवंबर तक कोरोना मैपिंग के लिए लगाई गई ड्यूटी के आदेशों का विरोध करते हुए वापस लेने की मांग की है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने इलाके की गोहर परियोजना के कर्मियों की रक्षा करने में भी पूरी तरह असमर्थ रहे हैं जिसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि इस परियोजना के झुंगी सर्कल के 26 आंगनबाड़ी केंद्रों की 19 कर्मी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। आंगनबाड़ी कर्मियों को बिना कोई सुरक्षा मुहैया करवाए ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। जब मुख्यमंत्री के इलाके के आंगनबाड़ी कर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो फिर आम जनता की सुरक्षा क्या होगी। उन्होंने कहा कि वर्करों को ना तो उचित शारीरिक सुरक्षा दी जा रही है और न ही कोविड योद्धा घोषित करके इनके लिए बीमा योजना का कोई प्रबन्ध किया गया है। उन्होंने मांग की है कि इन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए और आंगनबाड़ी कर्मियों कोरोना ड्यूटी मुक्त किया जाए।