जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी और पंचायत प्रधान भाग चंद ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि गीता मेहनतकश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। नायब तहसीलदार सैंज कर्म चंद ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर सरकार और प्रशासन को भेजी जा रही है। सैंज पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस मामले में प्रशासन की सीधी लापरवाही सामने आ रही है। प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते लाहौल, किन्नौर और चंबा जिले के दुर्गम इलाके पांगी में पोलियो मुक्त दवा बाद में पिलाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कुल्लू की इस दुर्गम पंचायत के गांव को नजरअंदाज किया गया। कुल्लू जिले में भी कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं जहां आजकल भारी बर्फबारी के चलते पहुंचना मुमकिन नहीं है।
एक बूथ पर होते 4 कार्यकर्ता, गीता भेज दी अकेले
पोलियो बूथ पर प्रशासन अमूमन चार कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाता है, लेकिन शाक्टी के इस बूथ पर गीता को अकेले ही भेज दिया। मदद के लिए उसका पति साथ गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचा पाया। स्थानीय लोग गीता की मौत के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।