सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य कमेटी ने पूरे प्रदेश में हड़ताल करने का फैसला लिया है। इस दौरान सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
यूनियन की राज्य अध्यक्ष खीमी भंडारी और महासचिव राजकुमारी ने बताया कि संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर पूरे देश में 17 को हड़ताल की जा रही है। 17 को पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। उन्होंने केंद्र से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को नियमित करने की मांग की है।
भंडारी ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, तब से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं को सम्मानजनक वेतन देने की बात कही थी।
लेकिन साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद भी वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है। बताया कि केंद्र सरकार बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पोषाहार को बंद करने की तैयारी में है। पोषाहार पर आने वाले खर्च को बच्चों की माताओं के खाते में डालने का फैसला लिया गया है।
सरकार के इस फैसले से आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो जाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को नियमित किया जाए, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी और पेंशन दी जाए। न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये दिया जाए। वर्कर्स और हेल्पर्स को वर्कर्स का दर्जा दिया जाए।