राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने शिमला से सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) शिफ्ट करने के प्रयास का विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इसके विरोध में एक पत्र भी लिखा है।
इस पत्र में आनंद शर्मा ने कहा है कि शिमला से मेरठ के लिए सेना प्रशिक्षण कमान का मुख्यालय शिफ्ट करना तर्कसंगत नहीं है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, सेवानिवृत्त सेवा प्रमुखों और रणनीतिक विशेषज्ञ भी इसे शिफ्ट नहीं करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरट्रैक को शिमला में रिटेन करने की मांग की। आनंद शर्मा ने कहा कि शिमला भारतीय सेना के लिए डेढ़ सौ सालों से रणनीतिक स्थान रहा है। यह ब्रिटिश शासनकाल में भारतीय सेना का मुख्यालय रह चुका है।
आजादी के बाद 1948, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान भी शिमला पश्चिमी कमान का मुख्यालय रह चुका है। पश्चिमी कमान को शिमला से चंडी मंदिर के लिए 1985 में शिफ्ट किया गया।
इसके बाद इसे आरट्रैक के लिए बेहतरीन लोकेशन माना गया। मेरठ के पास आधारभूत ढांचे की कमी है। यह हवाई सेवाओं के लिए भी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे नई दिल्ली पर निर्भर है।
शिमला में जतोग कैंट में पर्याप्त आधारभूत ढांचा है। उन्होंने कहा कि इसे शिफ्ट नहीं किया जाए। इससे स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसरों की सुरक्षा होगी और हिमाचल की अर्थव्यवस्था को भी इसका नुकसान नहीं होगा।