पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को सेवाविस्तार देने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश शिमला की ओर से धूमल को आगामी 30 मई के लिए जारी तलबी आदेशों पर रोक लगा दी है और निचली अदालत का रिकॉर्ड भी तलब किया है।
प्रार्थी प्रेम कुमार धूमल की ओर से दलील दी गई कि ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के पेश किए गए चालान पर रूटीन में ही तलबी आदेश जारी कर दिए। जबकि अभियोजन पक्ष ने प्रार्थी के विरुद्ध कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया है। इसके अलावा प्रार्थी के खिलाफ पूर्व राज्यपाल ने अभियोजन की मंजूरी के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं दिया था, इसलिए वर्तमान राज्यपाल ने जब अभियोजन मंजूरी से इंकार कर दिया तो निचली अदालत को इस मामले में संज्ञान लेने का कोई अधिकार नहीं रह जाता।
उल्लेखनीय है कि एएन शर्मा को सेवा विस्तार देने के मामले में गत 8 अप्रैल को निचली अदालत ने आदेश जारी कर धूमल को 30 मई को अदालत के समक्ष पेश होने के आदेश पारित किए थे। इस मामले में 20 जनवरी को पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह ने यह कह कर फाइल वापस कर दी थी कि ऐसे आरोपों में अभियोजन मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती। 21 मार्च को वर्तमान राज्यपाल ने इस मामले में अभियोजन मंजूरी देने से इनकार कर दिया।