अलग-अलग श्रेणियों में मिलेगा हिमाचली कोटा
एमबीबीएस काउंसलिंग में हिमाचली कोटे में भी बदलाव किया है। हिमाचली बोनाफाइड उम्मीदवार की आठवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं में से दो कक्षाओं की पढ़ाई हिमाचल से की होनी चाहिए। हिमाचल सरकार में कार्यरत गैर हिमाचली कर्मचारियों के बच्चों के लिए हिमाचली कोटा लेने के लिए हिमाचल से 11वीं और 12वीं कक्षा पास करना अनिवार्य है।
दिव्यांग उम्मीदवार सेक्टर 32 चंडीगढ़ के बोर्ड से बनवाएं अपना प्रमाणपत्र
इस बार एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ बदलाव हुए हैं। हिमाचली, एनआरआई कोटे और दिव्यांग सीटों में बदलाव है। दिव्यांग उम्मीदवार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 चंडीगढ़ के बोर्ड से अपना प्रमाणपत्र बनवा लें ताकि दिक्कत पेश न आए।- डॉ. प्रवीण शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, एएमआरयू
एनआरआई के रिश्तेदारों को नहीं, अब केवल बच्चों की ही मिलेंगी कोटे की सीटें
एएमआरयू ने एनआरआई कोटे को लेकर भी स्पष्ट किया है कि यह कोटा केवल एनआरआई या उनके बच्चों को ही मिलेगा। एनआरआई की अनुशंसा पर उनके रिश्तेदारों को यह कोटा नहीं मिल पाएगा। प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 20 एनआरआई कोटे की सीटें हैं। इनमें आईजीएमसी शिमला और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में दो-दो और अन्य चार कॉलेजों में चार-चार सीटें शामिल हैं।
85% सीटों पर एएमआरयू ही करवाएगा काउंसलिंग
अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) ने एमबीबीएस और बीडीएस के लिए काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार विवि की अधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 26 जुलाई दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहेगी। हिमाचल में छह सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज में करीब 725 एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग एएमआरयू करवाएगा। एएमआरयू की तरफ से 85 फीसदी सीटों पर काउंसलिंग होगी। जबकि 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा रहेगा। सरकारी स्तर पर 575 और निजी स्तर पर 150 एमबीबीएस सीटों और बीडीसी की सरकारी स्तर पर 75 में से 62 और निजी 185 सीटों की काउसंलिंग एएमआरयू के माध्यम से होगी।