जीवन रक्षक भारतीय एंबुलेंस कर्मचारी फेडरेशन ने सरकार और कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंपनी के तहत एंबुलेंस में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि समझौता होने के बाद भी एंबुलेंस कर्मचारियों को दो महीने से तनख्वाह नहीं दी गई है।
पांच जुलाई, 2018 को लिखित समझौते में कंपनी ने कर्मचारियों को हर महीने तनख्वाह देने की बात कही है। फेडरेशन ने सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कंपनी को अरोग्य घोषित करने की मांग की है। कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया तो कर्मचारी फिर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
फेडरेशन के महासचिव पूरन चंद ने कहा कि कंपनी एंबुलेंस कर्मचारियों को कम तनख्वाह दे रही है और अतिरिक्त काम लिया जा रहा है। समय पर तनख्वाह न दिए जाने से कर्मचारियों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। कंपनी के साथ हुई करार के मुताबिक हर महीने 7 तारीख तक कर्मचारियों को वेतन दिया जाना था।
कंपनी करार का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि निदेशक एनएचएम, जिला उपायुक्त, श्रम उपायुक्त और जीवीके ईएमआई कंपनी हैदराबाद प्रबंध निदेशक को भी पत्र लिखकर इस बारे में दोबारा से अवगत कराया गया है।