फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: बेटियों का भी पिता की संपत्ति पर बराबर का अधिकार, मिलती है निशुल्क कानूनी मदद

विज्ञापन
शिमला के फगली स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में उपस्थित छात्राए ।फोटो
विज्ञापन
अमर उजाला अपराजिता
विज्ञापन

राजधानी के फागली स्कूल में वरिष्ठ अधिवक्ता विदुषी शर्मा ने छात्राओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पिता की संपत्ति पर जितना अधिकार बेटों का होता है, उतना ही अधिकार बेटियों का भी है। बेटियों का यह हक उनसे कोई नहीं छीन सकता। इस हक को पाने के लिए महिलाओं के लिए कानून में प्रावधान किया गया है। यह अधिकार हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 और हिंदू महिला संपत्ति अधिकार अधिनियम 1937 के तहत सुनिश्चित किया गया है।
राजधानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फागली में बुधवार को अमर उजाला का अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता विदुषी शर्मा ने कहा कि छात्राओं को अपने अधिकारों का पता होना चाहिए। महिलाओं को निशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार भी प्राप्त है। 1987 के कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अनुसार यदि एक पीड़ित महिला की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाएं प्राप्त कर सकती है। शिक्षा, काम और समान वेतन का अधिकार भी महिलाओं को मिला है। 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए स्कूल जाना अनिवार्य है। इनमें बेटियां भी शामिल हैं। समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 के तहत पुरुष और महिला श्रमिकों के लिए समान वेतन सुनिश्चित करता है। दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार, मातृत्व अवकाश अधिकार, कन्या भ्रूणहत्या के विरुद्ध अधिकार, महिला सुरक्षा कानून सहित महिलाओं से जुड़े अन्य अधिकारों के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी गई। छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने के बारे में भी जागरूक किया। मंच संचालन शिक्षक अरुणेश आर्या ने किया। इस अवसर पर स्कूल की शिक्षिका सपना, पारुल धीमान, रजनी ओहरी, धर्मी देवी, अमिता शर्मा और प्रीति खिमटा मौजूद रहीं।
विज्ञापन


घूमने जाने से पहले अभिभावकों को भेजे लोकेशन : कौर
फागली स्कूल की उप प्रधानाचार्य अमरजीत कौर ने कहा कि यदि छात्राएं कहीं घूमने जाती हैं तो पहले अपने परिवार को अपनी लाइव लोकेशन जरूर भेजे। इससे अभिभावकों को आपकी लोकेशन की जानकारी रहेगी। अकेले घूमने की बजाय ग्रुप में जाने का प्लान बनाएं। कहा कि कार्यक्रम में बताए गए महिला अधिकारों का लाभ तभी मिलेगा जब इन पर अमल किया जाएगा।
-
छात्राओं ने पूछे सवाल, अधिवक्ता ने दिए जवाब

दसवीं कक्षा की छात्रा स्नेहा ने पूछा कि यदि शिमला में महिला आयोग के पास शिकायत करवानी हो तो कैसे करें। इस पर अधिवक्ता ने बताया कि टूटीकंडी क्रॉसिंग के पास महिला आयोग का कार्यालय है। वहां अपनी शिकायत लिखित रूप में दे सकते हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी।
-
बारहवीं कक्षा की अक्षिता ने पूछा कि यदि आप किसी समस्या की वजह से कार्यालय में ज्यादा दिन उपस्थित न हो पाएं तो क्या मातृत्व अवकाश मिल सकता है? इस पर अधिवक्ता ने बताया कि मातृत्व अवकाश हर महिला का अधिकार है। हालांकि, इसके लिए कार्यालय में एक साल में कम से कम 80 दिन की उपस्थिति जरूरी है।

दसवीं कक्षा की दीपिका ने पूछा घरेलू हिंसा होने पर इसकी शिकायत कहां पर करवाएं। अधिवक्ता ने कहा कि घरेलू हिंसा होने पर सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं। राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन

-
ग्यारहवीं कक्षा की गरिमा ने पूछा कि यदि कोई शिकायत दर्ज करवानी हो तो क्या हर जिले के अलग हेल्पलाइन नंबर हैं? अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा नहीं है। पूरे देश में हेल्पलाइन नंबर एक ही हैं। आप किसी भी जिले से अपनी शिकायत इन नंबरों पर दे सकते हैं। शिकायत दर्ज हो जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें