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मेधावी छात्र सम्मान: दसवीं की टाॅपर साइना को एपीजे कलाम से मिली प्रेरणा, महक ने विज्ञान संकाय में किया टॉप

Wed, 06 Aug 2025 06:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शिमला में बुधवार को अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह-2025 का आयोजन किया गया। 
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साइना व महक को मिला उजाला मेधावी छात्र सम्मान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह-2025 का आयोजन किया गया। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में हुए समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में शामिल मेधावियों को सम्मानित किया। दसवीं कक्षा में राज्यभर में टॉप करने वाली साइना ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम को दिया है। पालमपुर की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवारना की छात्रा साइना ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर न सिर्फ अपने स्कूल और जिले का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे प्रदेश के छात्रों के लिए एक मिसाल बन गईं। साइना ने अब नाॅन मेडिकल संकाय चुना है और भविष्य में कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। साइना का सपना है कि वह भविष्य में कंप्यूटर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करें। उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षकों और स्कूल को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया। कहा कि मेरा मानना है कि लगातार पढ़ाई करना और मेहनत करते रहना ही सफलता का सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है। पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि रुचि और लगातार करें तो हर मुकाम पाया जा सकता है।

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कॉलेज नहीं, आपकी मेहनत रखती है मायने : महक
अंब की होनहार छात्रा महक ने विज्ञान संकाय में राज्यभर में टॉप कर मिसाल कायम की है। आज वह महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज, अंब में बीएससी गणित की पढ़ाई कर रही हैं और उनका सपना प्रोफेसर बनने का है। महक कहती हैं कि कॉलेज नहीं, आपकी मेहनत मायने रखती है। उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां शीला हैं, जो अध्यापिका हैं। मैंने अपनी मां को हमेशा ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करते देखा है। उन्होंने ही मुझे पढ़ाई और मेहनत का महत्व सिखाया है। महक के पिता का इसी वर्ष अप्रैल में निधन हो गया था। भावुक होते हुए उन्होंने कहा-मैं चाहती हूं कि जहां भी वो हों, मुझे देखकर गर्व महसूस करें। उनकी याद मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। आजकल लोग सिर्फ बड़े कॉलेज और महंगी फीस की बात करते हैं, लेकिन सच यह है कि आप कहां पढ़ते हैं, यह उतना जरूरी नहीं है, जितना यह कि आप कैसे और कितना पढ़ते हैं। अगर आप खुद पर भरोसा करें और नियमित रूप से पढ़ाई करें, तो किसी भी संसाधन की कमी आपको रोक नहीं सकती। मेहनत ही सबसे बड़ी पूंजी है।
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