हिमाचल के नंबर एक समाचार पत्र अमर उजाला और एपी गोयल विश्वविद्यालय शिमला के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को सोलन जिला के मेधावियों को भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में नवाजा गया। गुरुकुल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सोलन के सभागार में छात्रों ने उत्साह के साथ समारोह में हिस्सा लिया।
इस मौके पर एसपी अंजुम आरा ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य तय करने में किसी भी विश्वविद्यालय का अहम किरदार रहता है। ऐसे में कहीं भी दाखिला लेने से पूर्व विश्वविद्यालय के इतिहास को जरूर खंगाल लें। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पढ़ाई और तकनीक के युग में बहुत बदलाव आए हैं।
आज के दौर में मीडिया के माध्यम से बहुत जानकारियां जुटाई जा सकती हैं और उनके आधार पर बच्चे भविष्य की रूपरेखा तय कर सकते हैं। इस मौके पर बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह ग्यारह बजे कार्यक्रम का समय तय किया गया था। लेकिन बच्चे दस बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे।
बच्चों के साथ अभिभावक और शिक्षकों ने भी अमर उजाला तथा एपी गोयल विश्वविद्यालय के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की। एसपी अंजुम आरा ने खासतौर पर छात्राओं से आह्वान किया कि वे जब भी घर से बाहर जाएं तो अपने अभिभावकों को जरूर इसके बारे में जानकारी दें।
किसी भी बच्चे की सुरक्षा के लिए जितनी सोच अभिभावक रखते हैं उतना दूसरा कोई नहीं रखता है। उन्होंने बच्चों को अपराध पर आंखें न मूंदने की भी सलाह दी। समारोह के अंत में मुख्यातिथि पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा ने मेधावियों को प्रशस्तिपत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
एक जगह नहीं सिमटा है करियर: डॉ. मुनीश सेठी
एपी गोयल युनिवर्सिटी के डीन डॉ. मुनीश सेठी ने मेधावी बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दसवीं कक्षा से छात्रों को भविष्य की तैयारी करनी होगी। वर्तमान में कोई भी करियर एक जगह में सिमट कर नहीं रह गया है। यदि कोई छात्र होटल प्रबंधन, लॉ या जर्नलिज्म की डिग्री हासिल करता है तो उसके लिए एक साथ कई रास्ते खुल जाते हैं। कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चे के हुनर को तराशना होगा ताकि वह अपनी इच्छा के क्षेत्र में कैरियर बना सके।
छोटे रास्तों से नहीं मिलती कामयाबी: माथुर
समारोह की विशेष अतिथि गुरुकुल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सोलन की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर ने बताया बच्चे अक्सर सफलता के लिए छोटे रास्ते इस्तेमाल करते हैं। लेकिन छोटे रास्तों से कभी कामयाबी नहीं मिलती। उन्होंने बच्चों को खुद पर भरोसा करने और कोचिंग केंद्रों का चुनाव करते वक्त अभिभावकों को ध्यान देने की बात कही।
अमर उजाला के समारोह से खुशियां बटोर निकले मेधावी
एक बड़े मंच पर पुरस्कार मिलने की खुशी बुधवार को सोलन के मेधावियों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। उत्साह से लवरेज छात्र समय से पहले ही अपनी सीटें पक्की कर चुके थे। गुरुकुल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के सभागार में मेधावी करीब साढ़े दस बजे से पंजीकरण के लिए कतारों में खड़े हो गए।
इनके साथ समारोह में पहुंचे अभिभावकों और शिक्षकों ने अमर उजाला तथा एपी गोयल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस समारोह की जमकर तारीफ की। सोलन मुख्यालय में दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से भी बच्चे पहुंचे थे। समारोह का हिस्सा बनने वालों में निजी स्कूलों की भरमार जरूर रही। लेकिन सरकारी स्कूल के मेधावी भी पीछे नहीं दिखे।
समारोह में करीब 90 मेधावियों का सम्मान किया। इसमें छात्राओं की संख्या सबसे ज्यादा थी। एसपी अंजुम आरा ने छात्राओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमर उजाला के इस मंच से मेधावी छात्रों को प्रेरणा मिलती रहेगी और वे भविष्य में अधिक उत्साह से पढ़ाई की तरफ ध्यान देंगे। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। समूचे समारोह के दौरान सभागार तालियों से गूंजता रहा।
भविष्य की प्रेरणा देगा पुरस्कार: खुशी
गुरुकुल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की छात्रा खुशी को बुधवार को अमर उजाला और एपीजे यूनिवर्सिटी के मंच पर कोई पहला बड़ा पुरस्कार मिला है। खुशी का कहना है कि यह पुरस्कार उसके जीवन में मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में उसे इससे और बढ़िया करने की प्रेरणा मिलेगी।
खुशी का कोई ठिकाना नहीं: अंकिता शर्मा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटी की अंकिता शर्मा ने बताया कि पुरस्कार मिलने की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। उसे स्कूल से यह सूचना मिली थी कि अमर उजाला मेधावी बच्चों का सम्मान कर रहा है और तब से वह लगातार इसके लिए उत्साहित थी।
जमा दो में भी सम्मान पाने का ख्वाब: रीतिका
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटी की रीतिका का कहना है कि अमर उजाला ने उन्हें एक प्रेरणा दी है जो भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। बकौल रीतिका उसका उद्देश्य है कि जब वह दस जमा दो कक्षा उत्तीर्ण करे तो भी अमर उजाला उसे ऐसे ही समारोह में सम्मानित करें।
मील का पत्थर साबित होगा समारोह: हिमांचली
कुनिहार स्कूल की हिमांचली शर्मा ने कहा कि सम्मान समारोह पहला ऐसा मंच है, जहां वह शिक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पुरस्कार पा रही हैं। यह सम्मान उनके भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा और वे इससे भी आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत रहेंगी।