अपने काम से मिसाल पेश करने वाले ये लोग किए सम्मानित
सुकृता गोयल सूद एमडी गोयल मोटर्स, सहज शब्द गोयल सीईओ गोयल मोटर्स, जेपी यूनिवर्सिटी सोलन से वाइस चांसलर प्रो. डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा, बाहरा यूनिवर्सिटी वाकनाघाट सोलन के अनुराग अवस्थी, गौरव बाली, साहिल कुमार, कपूर सैनेटरी स्टोर सोलन से पंकज कपूर, हिमाचल हाउस सोलन से मुकेश विज, न्यू कृष्णा आभूषण भंडार घुमारवीं से संजय सोनी, डॉ. वाणी शर्मा मदर क्राफ्ट हॉस्टिपल कांगड़ा, अमित ठाकुर एमडी गुरुकुल पब्लिक स्कूल हमीरपुर, अनिल राणा एमडी सूर्या सिरमौर, राजीव वर्मा एमडी उषा सन्स ऑटो सिरमौर, जय सिंह ठाकुर एमडी द हाईलैंड पार्क प्रा. लि. मनाली, डॉ. शिवदीपानंद शर्मा वीएमजी हॉस्टिपल सरकाघाट, चिरंजीव सेठी मैनेजिंग पार्टनर फार्मा कमिको लैबोरेटरीज सोलन, संदीप राणा व मोहिंद्र सिंह ठाकुर डायरेक्टर आरटी बिल्डटैक प्राइवेट लि., विपुल गोयल समाजसेवी सोलन, अभिषेक जम्वाल-अक्षित मेहरा व अरुण जम्वाल एमर्स एकेडमी नादौन हमीरपुर, अनुज गुप्ता अध्यक्ष नगर पंचायत अर्की, रजत चौहान एमडी सनबीम इंटरनेशनल स्कूल जुब्बल, पंडित रवि शंकर (रवि मूर्ति वाले) कांगड़ा, कैप्टन एजे सिंह निदेशक पाइनग्रोव स्कूल सोलन के अलावा एनएचपीसी बनीखेत चंबा और चौकसी लैबोरेटरी लिमिटेड को भी सम्मानित किया गया।
मस्कुलर डिप्ट्रॉफी ने 16 साल की उम्र में व्हील चेयर पर बैठा दिया, फिर इसी पर किया काम
सोलन के विपुल गोयल 16 साल की उम्र में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की वजह से व्हील चेयर के सहारे चलने-फिरने को विवश हो गए। आज वह 67 वर्ष के हो गए हैं। उन्होंने इस पर काम करने को ही ध्येय बना लिया। वर्तमान में वह इंडियन एसोसिएशन ऑफ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के महासचिव हैं। उनका दावा है कि सोलन में उनके संस्थान में इस रोग पर विश्वस्तरीय काम हो रहा है। भारत के अपने मरीजों के अलावा पाकिस्तान, सऊदी अरब आदि से भी यहां इलाज के लिए लोग आ रहे हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंच से नीचे उतरकर विपुल गोयल को सम्मानित किया और उनके जज्बे को समाज के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि इनसे अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
बेहतर काम को सम्मान
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उन लोगों को इस कॉफी टेबल बुक में स्थान दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम कर खुद को आगे बढ़ाया है।