नारी गरिमा को समर्पित अमर उजाला के ‘अपराजिता :100 मीलियन स्माइल्स’ अभियान के तहत शुक्रवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नाहन में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन सिरमौर की जिला समन्वयक सुमित्रा और परामर्शदाता वनीता ठाकुर ने विभिन्न ट्रेड का प्रशिक्षण ले रहीं छात्राओं को जागरूक किया। उन्हें महिला अधिकार एवं बाल विवाह अधिनियम के बारे अहम जानकारियां दीं।
इस अवसर पर आईटीआई के प्रधानाचार्य सीके कौशिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।जिला समन्वयक सुमित्रा ने कहा कि महिलाएं अपने भीतर का डर खत्म कर अपने हक के लिए आवाज उठाएं।
अपराध को छुपाएं नहीं बल्कि उसे खत्म करने के लिए कानून का सहारा लें। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इसके लिए आत्मविश्वास बढ़ाना होगा। अपना आत्मविश्वास बढ़ेगा तो ही महिलाएं आगे बढ़ पाएंगी।
हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। जब एक पुरुष अकेला कहीं आ जा सकता है तो महिलाएं क्यों नहीं। महिलाओं को क्यों किसी के सहारे की जरूरत है। उन्होंने महिला अधिकार अधिनियम, पॉक्सो एक्ट के साथ ही कानून के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
जबकि परामर्शदाता वनीता ठाकुर ने बाल विवाह अधिनियम बारे बताया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की शादी करना, करवाना या ऐसी शादी में शरीक होना कानूनी तौर पर जुर्म है। उन्होंने छात्राओं को गु ड टच और बैड टच बारे भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर आईटीआई के शिक्षिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि किसी भी तरह के अपराध समाज में हो या उनके साथ कोई घटना हो तो इसके लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर का सहारा लिया जा सकता है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी इसकी शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस के 100 नंबर, शक्ति एप आदि का भी प्रयोग किया जा सकता है।
क्या बोलीं आईटीआई की छात्राएं
1. मनीषा ठाकुर ने कहा कि कार्यक्रम लाभप्रद रहा। अप्रिय घटना हो जाने पर कहां और कैसे शिकायत करनी है। इसकी बेहतर ढंग से विस्तृत जानकारी दी गई।
2. दीपाली धीमान ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर अच्छे से जागरूक किया गया। कई ऐसी बातें पता चलीं जिसकी जानकारी नहीं थी। कार्यक्रम से ज्ञानवर्धन हुआ।
3. शालू चौहान ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में कई नई जानकारियां मिली हैं। कई ऐसे कानूनों बारे भी कार्यक्रम में बताया गया, जिससे वह अब तक अनभिज्ञ थी।
4. सपना ठाकुर ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम जानकारी वर्धक है। कानूनी पहलुओं की जानकारी होना जरूरी है। इससे उन्हें अपने अधिकारियों के बारे जानकारी मिली है।
5. सपना कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम में महिला सुरक्षा पर ही बात नहीं की गई, बल्कि हमें अपने अधिकारों के प्रति लड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। इससे काफी मनोबल बढ़ा।