सुषमा स्वराज ने जब इराक में आतंकी हिंसा का शिकार होने के बाद उनके लाडले के मिले अवशेषों की जानकारी दी तो उनका गला भर आया था। अमन के परिजनों ने दिवंगत सुषमा स्वराज की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वहीं, लंज की भटहेड़ पंचायत के कदरेटी गांव के इंद्रजीत के भाई सुभाष कुमार भी सुषमा स्वराज के निधन पर बेहद दुखी नजर आए। सुभाष ने कहा कि स्वराज से मिलकर उनकी आस और बढ़ जाती थी। सुभाष के अनुसार सुषमा स्वराज ने कभी भी उन्हें निराश नहीं किया।
कांगड़ा के धमेटा के संदीप राणा की माता पुष्पा ने भी दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि उनका परिवार सदा ही उनका आभारी रहेगा। पुष्पा देवी ने बताया कि सुषमा स्वराज ने इराक में आतंक का शिकार हुए सभी भारतीयों को अपनों से कम नहीं समझा था।