हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के कथित आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी छह फरवरी से न्यायिक हिरासत में है, जिससे साफ जाहिर है कि पुलिस जांच के लिए आरोपी की जरूरत नहीं है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके आरोपी के साथ तीन सालों से संबंध है। इस बीच आरोपी ने उसके साथ शादी का झांसा देकर कई बाद दुष्कर्म किया। आरोप लगाया गया है कि अब आरोपी के घरवाले जाती का बहाना लगाकर शादी करने से इंकार कर रहे है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता आरोपी से संबंध बनाते समय पर्याप्त परिपक्व थी। आरोपी पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में सिद्ध होने बाकी हैं, जिसमें समय लग सकता है। ऐसे में आरोपी को हिरासत में रखना उचित नहीं है। अदालत ने आरोपी को 25 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
चेक बाउंस मामले में दोषी की सजा पर सत्र न्यायाधीश ने लगाई मुहर
जिला अदालत चक्कर ने चेक बाउंस मामले में सुनाई गई सजा पर अपनी मुहर लगा दी है। सत्र न्यायाधीश ने ठियोग निवासी मनी राम की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया। दोषी मनी राम को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठियोग ने एक वर्ष का कारावास और दो लाख 40 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए थे। दोषी ने इस निर्णय को अपील के माध्यम से सत्र न्यायाधीश शिमला के समक्ष चुनौती दी। मामले के अनुसार दोषी ने शिकायतकर्ता से एक लाख 24 हजार रुपये का उधार लिया था। लोन की एवज में उसने चेक जारी किया था। चेक बाउंस होने पर कंपनी ने दोषी के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठियोग की अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। गवाहों के बयान और दस्तावेजों के आधार पर निचली अदालत ने पाया था कि दोषी ने शिकायतकर्ता को गुमराह करने के इरादे से चेक जारी किया था। सत्र न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि निचली अदालत ने मनी राम को चेक बाउंस का दोषी ठहराए जाने वाला निर्णय सही सुनाया है।