वास्तविक किराए से ज्यादा विदेशी दौरे के किराए का बैंक खाते से भुगतान करवाया। विदेश से लौटकर दौरे में प्राप्त की गई जानकारी और अनुभव को बैंक से अवगत नहीं करवाया। विदेशी दौरों की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। गाड़ियों की खरीद और मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च कर बैंक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया।
चेयरमैन ने नोट गिनने के लिए 120 मशीनों की खरीद में भी घपला किया। अन्य बैंकों के मुकाबले केसीसीबी में 25 हजार रुपये अधिक कीमत की मशीनें खरीदी गईं। चेयरमैन के रिश्तेदारों को अवैध तरीके से कई शाखाओं से लोन दिए गए।
चेयरमैन किसी को ऋण नहीं देता है। इसके लिए बैंक अधिकारी ही अधिकृत हैं। बैंक में भर्तियां स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से की गईं। नोट गिनने की मशीनों की जानकारी नहीं है। इसके लिए भी बैंक अधिकारी अधिकृत हैं। चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य नीति बनाने का काम करते हैं।
नीति को लागू करना अधिकारियों का काम है। मैंने ईमानदारी से काम किया है। सरकार की चमचागीरी करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने कुछ माह पहले हड़ताल की थी, फिर लिखित में माफी मांगी। मुझे चेयरमैन पद से हटाने को यह षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि अपना चेयरमैन का चेहरा बताए और बोर्ड में बहुमत साबित करे। - जगदीश सिपहिया, चेयरमैन केसीसीबी